कमरे में करें मशरूम की खेती

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लखनऊ। पिछले कुछ वर्षों में मशरूम ने एक खास जगह बना ली है। लेकिन जिस अनुपात में मशरूम की मांग है, उस अनुपात में देश में इसका उत्पादन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मशरूम उत्पादन कर आप अपने स्वरोजगार को बढ़ाने के साथ-साथ बेहतर कमाई भी कर सकते हैं। सामान्य तौर पर मशरूम उत्पादन के लिए 20 से 40 डिग्री तापमान होना आवश्यक है।

इसके अलावा वातावरण में नमी का होना भी जरूरी है। नमी के बगैर मशरूम का ठीक तरह से विकास नहीं हो पाता है। लखनऊ जिला उद्यान अधिकारी डीके वर्मा बताते हैं, “पिछले कुछ साल में मशरूम की मांग बढ़ी है, उद्यान विभाग किसानों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण भी देता है। प्रशिक्षण लेने के लिए किसान को पहले विभाग में आकर पंजीकरण कराना होता है।”

दो-तीन महीने में फसल तैयार

मशरूम का सफल उत्पादन दो से तीन महीने में आसानी से हो जाता है। मशरूम की बुआई से लेकर कटाई तक में लगभग दो-तीन महीने का समय लग जाता है।

बाजार

देश में आम लोगों तक पहुंच बढ़ाने से मशरूम की डिमांड काफी बढ़ गई है। इसे देखते हुए मशरूम के काफी अधिक उत्पादन की जरूरत है। हालांकि मशरूम का उत्पादन काफी तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी जरूरत के मुकाबले इसका उत्पादन काफी कम हो रहा है। ऐसे में अगर इसका उत्पादन शुरू करते हैं तो यह निश्चित रूप से फायदे का सौदा साबित होगा।

प्रशिक्षण

कृषि विश्वविद्यालय और राज्य सरकार के बागवानी विभाग समय-समय पर कुछ सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाते रहते हैं। जिसमें शामिल होकर आप आसानी से मशरूम उत्पादन की बारीकियों को सीख सकते हैं। यह प्रशिक्षण सरकारी संस्थानों में मुफ्त दिया जाता है। प्रशिक्षण के लिए आप नजदीकी कृषि महाविद्यालय में पता कर सकते हैं।

लागत 

मशरूम की खेती को छोटी जगह और कम लागत में आसानी से शुरू किया जा सकता है और कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है। 

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