कनेक्शन के बावजूद कन्नौज के 1600 स्कूलों को बिजली का इंतेजार

कनेक्शन के बावजूद कन्नौज के 1600 स्कूलों को बिजली का इंतेजारgaonconnection

कन्नौज। बेसिक शिक्षा विभाग और विद्युत विभाग के अभिलेखों में भले ही परिषदीय स्कूलों में बिजली के कनेक्शन चल रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत में सब उल्टा है। कहीं तार चोरी हो चुके हैं तो कहीं पंखे ही चोर ले उड़े। वर्षों से बिजली आपूर्ति स्कूलों में नहीं हो पा रही है। भारी-भरकम बजट खर्च होने के बाद भी नौनिहालों और स्कूल स्टाफ को लाभ नहीं मिल पा रहा है।

जिले में करीब 1600 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल संचालित हैं। बेसिक स्कूलों में बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए बिजली के कनेक्शन दिए गए हैं। इसके लिए करोड़ों रुपये का बजट खर्च होता है। इसमें कनेक्शन खर्च, फिटिंग, पंखे, सीएफएल और बिजली का बिल आदि शामिल है।

भारी-भरकम बजट खर्च होने के बाद भी जमीनी हकीकत कुछ और है। कुछ स्कूलों में मेन लाइन तो बिजली की आई है, लेकिन कनेक्शन नहीं है। कुछ स्कूलों में बिजली तो है पर कमरों में पंखे ही नहीं हैं। कहीं तार और पंखे ही चोरी हो चुके हैं। वहीं बिजली के बिल लगातार आ रहे हैं। जिसका भुगतान करने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है। 

स्कूल - मानपुर

उच्च प्राथमिक स्कूल परिसर मानपुर की चहारदीवारी तक बिजली विभाग की ओर से खंभा लगा है। उस पर लाइन भी खिची है, लेकिन स्कूल में कनेक्शन नहीं है। प्रधानाध्यापिका विनीता सक्सेना ने बताया कि चार साल पहले स्कूल में कनेक्शन था, लेकिन केबिल चोरी होने के बाद बिजली सप्लाई नहीं हो रही है। कमरों के अंदर फिटिंग और तार चोर चोरी कर ले गए। उनके यहां पंखे नहीं हैं। 

स्कूल - कनपटियापुर

प्राथमिक स्कूल कनपटियापुर की हेड टीचर पूनम पांडेय ने बताया कि आठ-दस साल पहले बिजली का कनेक्शन हुआ, लेकिन अभी तक न तो पंखे हैं और न ही अन्य इलेक्टानिक उपकरण। हर महीने सूचना अपने विभाग को भेजती हैं, लेकिन सुनवाई नहीं होती है। गर्मी के मौसम में दिक्कत तो होगी ही।

स्कूल-मकरंदनगर

प्राथमिक स्कूल मकरंदनगर जो कन्नौज नगर क्षेत्र में आता है, यहां बिजली का कनेक्शन था। एक पंखा कछुआ चाल में चल रहा था, जिसके नीचे बैठकर हेडमास्टर पढ़ा रहीं थीं। दूसरा पंखा कार्यालय में लगा था जो अंतिम सांसे गिन रहा था। तीसरा पंख कमरे में लगा था, वहां बच्चे न होने की वजह से बंद था। हेडमास्टर सोना मिश्रा बतातीं हैं कि उनके यहां चार पंखे हैं। एक पंखा खराब है। 

स्कूल - मानपुर (प्राथमिक)

सदर कन्नौज ब्लॉक क्षेत्र के ही मानपुर प्राथमिक स्कूल में बिजली कनेक्शन है, लेकिन पंखा कार्यालय में ही लगा है। बच्चों के पढ़ने वाले कक्षों में पंखे नहीं हैं। इस बाबत यहां की एक सहायक अध्यापिका ने बताया कि कमरों में पंखे पहले लगे थे, लेकिन उनके यहां आने से दो साल पहले ही वह चोरी हो गए। कमरों में इसलिए पंखे अभी नहीं लगवाए गए कि फिर चोरी न हो जाएं।

ये है यूनिट खर्च करने का नियम

नियम के मुताबिक एक स्कूल को एक महीने में 100 यूनिट खर्च करने की इजाजत है। इससे अधिक यूनिक का बिल का भुगतान शिक्षा विभाग नहीं करेगा। 11 महीने का बिल ही पे किया जाएगा।

शिक्षा विभाग की भी सुनें

स्कूलों में बिजली व्यवस्था का काम देखने वाले बाबू बलवीर सिंह ने बताया कि पिछले साल के रिकार्ड के मुताबिक चयनित 1044 प्राथमिक स्कूलों में से 733 और 445 उच्च प्राथमिक स्कूलों में से 274 में बिजली कनेक्शन दिए जा चुके हैं। करीब 60 फीसदी बिजली बिल बिना कनेक्शन के आ रही है। नया सत्यापन होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि कितने स्कूलों में सुचारु रूप से बिजली चल रही है।

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