गाना बंद नहीं किया, 36 भाषाओं में अभी भी गीत गा रहा हूं: उदित नारायण

गाना बंद नहीं किया, 36 भाषाओं में अभी भी गीत गा रहा हूं: उदित नारायणउदित नारायण, गायक।

नई दिल्ली (भाषा)। अपने अलग अंदाज, खनकती आवाज और हिंदी फिल्म संगीत की दुनिया में एकछत्र 25 साल तक राज करने वाले उदित नारायण आज भले ही चमक दमक से दूर हों, लेकिन संगीत से उनका नाता अभी भी बदस्तूर उसी शान से जारी है।

गायक उदित नारायण का संगीत की दुनिया में पदार्पण नेपाली गीतों के गायक के तौर पर हुआ और हिंदी फिल्म ‘कयामत से कयामत तक' के ‘पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा' गीत ने उन्हें सफलता की बुलंदी पर पहुंचा दिया। 36 भाषाओं में गीत गा चुके उदित के संगीत का यह सफर अब तक अनवरत जारी है।

उदित नारायण ने कहा, ‘‘मैंने हिन्दी फिल्मों के लिए गीत गाना बंद नहीं किया है। नाम तो मिल गया लेकिन काम अभी भी जारी है। हां, ये अलग बात है कि 25 साल के गायन के बाद अब यह सिलसिला थोड़ा कम सा हो गया है। हिन्दी, तेलुगू, मलयालम, मैथिली, भोजपुरी, नेपाली सहित 36 भाषाओं में अभी भी गीत गा रहा हूं। इतने लंबे और शानदार सफर के बाद अभी भी काम जारी रखने का अपना एक अलग मजा है।''

उन्होंने कहा, ‘‘यह बात सच है कि मुझे हिन्दी फिल्मों में गीत गाने के प्रस्ताव कम मिल रहे हैं, लेकिन दो साल पहले आई फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से मेरा गाया गीत ‘राधा तेरी चुनरी' हिट साबित हुआ था और हाल में मैंने अन्ना हजारे पर आयी फिल्म में ‘अन्नपूर्णा धरती' गीत गाया है।'' दिग्गज गायकों के साथ गीत गा चुके गायक ने कहा, ‘‘भगवान की मुझपर विशेष कृपा है कि मैंने मुकेश जैसे महान गायक से लेकर सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर तक के साथ गाने गाए हैं और लताजी के साथ तो मुझे सबसे अधिक गाने का अवसर मिला।''

‘दिल', ‘राजा', ‘बेटा', ‘राजा हिन्दुस्तानी' जैसी कई फिल्मों में अपनी आवाज का जादू बिखेरने वाले उदित नारायण का पूरा नाम उदित नारायण झा है और उन्हें इस साल ‘पद्म विभूषण' पुरस्कार से नवाजा गया। इससे पहले 2009 में उन्हें ‘पद्म श्री' सम्मान भी दिया जा चुका है।

राजनीति में आने के बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में उदित नारायण ने कहा, ‘‘इस बारे में अभी तक कुछ सोचा नहीं है। लेकिन आम लोगों के हित के बारे में जरुर सोचता हूं। हाल में राजगीर महोत्सव में एक कार्यक्रम में मैंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बिहार के सुपौल जिला स्थित अपने गाँव बसई में बिजली नहीं होने की शिकायत की थी। आजादी के 60 साल के बाद भी वहां बिजली नहीं थी। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद वहां सर्वेक्षण का काम पूरा होने से मुझे संतोष है। यहां मेरा ननिहाल है और मेरा जन्म भी यहीं हुआ है।''

रियल्टी कार्यक्रमों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे कार्यक्रम अच्छे होते हैं। इससे नई-नई प्रतिभाएं सामने आती है और लोगों को आगे बढ़ने, गाने का मौका मिलता है और साथ ही पैसे कमाने का भी मौका मिलता है।'' ऐसे रियलिटी कार्यक्रमों से दूरी बरतने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया, ‘‘ऐसा नहीं है, मैं ‘इंडियन आइडल 3' में बतौर जज आ चुका हूं। लेकिन, अब मैं ऐसे कार्यक्रमों से दूरी ही बरतता हूं। देखिए, मैं एक भावुक इंसान हूं और जब प्रतिभागियों से कहा जाता है कि आपका सफर यहीं पूरा हुआ तो मेरा मन कचोट उठता है।''

फिल्म ‘लगान' के ‘ओ रे मितवा', ‘जिंदगी खूबसूरत है' के टाइटल गीत और ‘स्वदेश' फिल्म के ‘ये तारा वो तारा' गीत के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार और पांच बार फिल्मफेयर पुरस्कार और एक बार आईफा अवार्ड जीत चुके उदित ने कहा, ‘‘नये, उभरते गायकों में अरिजीत सिंह और मीका जैसे गायक अच्छा कर रहे हैं। अगर कोई गीत हिट है इसका मतलब है उन्हें पसंद किया जा रहा है। साजिद-वाजिद और प्रीतम जैसे संगीतकार भी अच्छा काम कर रहे हैं।''

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