कर्मा फिल्म से बॉलीवुड के ‘शो मैन’ को मिली थी पहचान

कर्मा फिल्म से बॉलीवुड के ‘शो मैन’ को मिली थी पहचानबॉलीवुड के जाने माने निर्माता निर्देशक सुभाष घई का आज जन्मदिन है।

लखनऊ। बॉलीवुड के जाने माने निर्माता निर्देशक सुभाष घई का आज जन्मदिन है। हिंदी सिनेमा में ‘शो मैन’ के नाम से जाने जाने वाले सुभाष घई अपनी बेहतरीन फिल्मों कालीचरण, हीरो, जंग, कर्मा, राम लखन, सौदागर, खलनायक, परदेश, ताल, जैसी फिल्मों के लिए कम समय में लोगों की पसंद बन गए।

24 जनवरी, 1945 को नागपुर में पैदा हुए और दिल्ली में पढ़ाई के बाद पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से डिप्लोमा करके 1970 में मुंबई आ गए किस्मत आजमाने। साल 2006 में उन्हें सामाजिक फिल्म इकबाल के लिए राष्ट्रीय सम्मान से भी पुरस्कृत किया गया।

पढ़ाई

सुभाष घई नें अपनी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली से पूरी की। उन्होंने कॉमर्स से स्नातक की पढ़ाई की। उसके बाद साल 1963 में उन्होंने फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीयूट ऑफ़ इंडिया में दाखिला ले लिया।

शादी

सुभाष घई की शादी रिहाना उर्फ मुक्ता से हुई है। उनकी दो बेटियां हैं- मेघना घई पुरी और मुस्कान घई।

करियर

सुभाष घई ने अपने करियर की शुरुआत बतौर अभिनेता की थी। उन्होंने अपने शुरूआती करियर में कई लो बजट फिल्में की। उन्होंने सिर्फ बल्कि उमंग और गुमराह जैसी फिल्मों में लीड रोल भी किए। जब उन्हें लगा कि अभिनय उनके बस की बात नहीं तो उन्होंने फिल्म निर्देशन में किस्मत आजमाने की सोची। निर्देशन का डेब्यू हिंदी सिनेमा में फिल्म कालीचरण से वर्ष 1976 में किया। उनकी यह फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर सुपर-डुपर हिट साबित हुई।

इस फिल्म के उन्हें आलोचकों से काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली साथ ही उन्हें कई पुरुस्कारों से भी सम्मानित किया गया। उन्होंने अभिनेता दिलीप कुमार के साथ मिलकर कई फिल्मों का निर्देशन किया जिनमें विधाता, सौदागर, कर्मा जैसी िफ़ल्में शामिल हैं। उन्हें फिल्म कर्मा के लिए राष्ट्रीय पुरुस्कार से भी नवाजा गया। इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा में कई हिट िफ़ल्में दी, जो दर्शकों और आलोचकों द्वारा बेहद सराही गईं।

16 में से 13 फिल्में हुईं हिट

सुभाष घई नें अपने हिंदी सिनेमा करियर में करीबन 16 फिल्में लिखीं और निर्देशित कीं, जिनमें से 13 फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर ब्लॉक-बस्टर हिट साबित हुईं। लगातार सफलता की सीढियों पर चढ़ने के बाद उन्होंने अपनी प्रोडक्शन कम्पनी ‘मुक्ता आर्ट्स’ का निर्माण किया। वर्ष 1982 के दौरान उन्होंने अपने प्रोडक्शन के बैनर तले कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों का निर्माण किया। घई ने फिल्म निर्देशन के बाद बतौर निर्माता भी हिंदी सिनेमा को कई हिट िफ़ल्में दी, जिनमे ऐतराज, इक़बाल, चाइना टाउन, अपना सपना मनी मनी जैसी िफ़ल्में शामिल हैं। सुभाष घई ने हिंदी सिनेमा को कई बेहतरीन अभिनेता-अभिनेत्रियां दीं, जिनमें जैकी श्रॉफ, माधुरी दीक्षित, मनीषा कोइराला, सरोज खान, महिमा चौधरी, ईशा श्रावणी, श्रेयस तलपडे जैसे कई कलाकार उन्हीं की देन हैं।

‘एम’ का कमाल

बॉलीवुड के शो मैन कहे जाने वाले निर्देशक सुभाष घई अपनी फिल्मों के लिए ऐसी अभिनेत्रियों का चुनाव करते हैं जिनका नाम ‘एम’ से शुरू होता है। फिल्म हीरो से मीनाक्षी शेषाद्री, राम लखन से माधुरी दीक्षित, सौदागर से मनीषा कोईराला और परदेश से महिमा चौधरी ने बॉलीवुड में ऐसा धमाल मचाया जो हर किसी के बस में नहीं होता।

इन फिल्मों ने बनाया हिट

डायरेक्टर से पहले सुभाष घई 1967 की ‘तकदीर’ और 1971 में आई फिल्म ‘आराधना’ में राजेश खन्ना के दोस्त के रूप में छोटे छोटे रोल में दिखाई दिए।

70 के दशक की फिल्मों जैसे ‘उमंग’ और ‘गुमराह’ में लीड एक्टर की भूमिका में दिखे।

80 और 90 के दशक में इन्होंने मशहूर एक्टर दिलीप कुमार के साथ 3 फिल्में कीं - ‘विधाता’, ‘कर्मा’ और ‘सौदागर’।

1983 की मशहूर फिल्म ‘हीरो’ में सुभाष घई ने, जैकी श्रॉफ और मीनाक्षी शेषाद्री को ब्रेक दिया था, जो की बड़ी म्यूजिकल हिट बनी।

सुभाष घई ने अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ की जोड़ी की खोज भी की और लगातार फिल्में बनाईं जैसे ‘कर्मा’, ‘राम-लखन’, ‘त्रिमूर्ति’।

सुभाष घई ने ही म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान से कहा था कि ‘जय हो’ शब्द किसी गाने में प्रयोग करें, जो कि बहुत बड़ा हिट गाना साबित हुआ।

सुभाष घई का क्रिकेटर्स के प्रति प्रेम काफी हुआ करता था, इसीलिए क्रिकेटर्स के नाम पर भी फिल्मों का टाइटल दे दिया करते थे। जैसे- ‘कालीचरण’, ‘विश्वनाथ’, ‘इक़बाल’ और युवराज।

शाहिद कपूर ने सुभाष घई की फिल्म ‘ताल’ में एक डांसर के तौर पर डेब्यू किया था, जिसके बाद वो फिल्म ‘इश्क़ विश्क’ में लीड रोल में दिखे।

सुभाष घई की फिल्म ‘खलनायक’ के माधुरी दीक्षित पर फिल्माए गाने ‘चोली के पीछे’ को कम से कम 41 राजनीतिक पार्टियों के विरोध का सामना करना पड़ा था।

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