मनरेगा के कार्यों में लाखों का घोटाला

मनरेगा के कार्यों में लाखों का घोटालाgaonconnection

विशुनपुर (बाराबंकी)। बाराबंकी मुख्यालय से 40 किमी दूर फतेहपुर ब्लाक के भैसुरिया मुजाहिदपुर में 2009 से 2013 के बीच मनरेगा के तहत कराये गए कार्यों की सूचना के अधिकार के तहत मांगी गयी जानकारी में लाखों का घोटाला सामने आया है।

भैसुरिया मुजाहिदपुर निवासी रामखेलावन (67 वर्ष) ने जनसूचना के अधिकार के तहत 2009 से 2013 के बीच मनरेगा के तहत पंचायत में कराये गए कार्यों की सूचना मांगी थी। सूचना में तालाब की खोदाई, खारंजा की सफाई व दो बार वृक्षारोपण करवाने के नाम पर लाखो रुपये के घोटाले की बात सामने आई है। ग्राम पंचायत भैसुरिया मुजाहिदपुर में 2010 में मनरेगा के तहत देवरा तालाब के सौंदर्यीकरण का कार्य प्रारम्भ हुआ। सौंदर्यीकरण के नाम पर अनेक कार्य कराये जाने थे, लेकिन बताते हैं कि केवल खम्भे एवम सीढ़ियां ही बनाई गई थीं। छह माह बाद खम्भे भी पानी में ढह गए। तालाब को देखने से प्रतीत होता है कि तालाब आज भी अपने पुराने स्वरूप में ही है।

जनसूचना से मिली जानकारी के अनुसार देवरा तालाब के सौंदर्यीकरण में 3850 श्रमिकों ने कार्य किया। जिसकी मजदूरी चार लाख  रुपये हुई। पिलर, बेंच, गेट, चाहरदिवारी, फोटोग्राफी आदि अन्य कार्यों पर चार लाख तेरह हजार रुपये खर्च हुए। देवरा तालाब के सौंदर्यीकरण के नाम पर आठ लाख तेरह हजार रुपये का खर्च दिखाया गया परंतु तालाब के सुंदरीकरण के नाम पर लाखों खर्च के बाद भी तालाब की हालत सुधर नहीं सकी।

वहीं वृक्षारोपण के लिए वर्ष 2012 में 400 पौधों के लिए 63600 रुपये तथा वर्ष 2013 में 180 पौधों के लिए 28400 रुपये आहरित किये गए, लेकिन एक भी पौधा नहीं लगाया गया। वर्ष 2011 में 725 मीटर के खारंजा-नाले को साफ करवाने में भी धांधली की गई। नाले को साफ करवाने में 820 कार्यदिवस दिखाए गए। जिनका भुगतान 1,10,200 रुपये निकाल लिए गए, लेकिन नाले की सफाई कराई ही नहीं गई।

खारंजा खोदाई, सड़क पटाई और तालाब के सुंदरीकरण में मस्टर रोल तैयार करने में पूर्व प्रधान निशा वर्मा ने अपने भाई-भतीजे व रिश्तेदारों के नाम डालकर लाखों रुपये का बंदरबाट किया। मास्टर रोल में जिनके नाम है उनमें अधिकतर छात्र व ऐसे विकलांगो के नाम है जिन्हें पेंशन प्राप्त होती है। इसकी शिकायत रामखेलावन ने जिले के अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक की, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। रामखेलावन बताते हैं, "गाँव में बिना काम कराये ही सरकारी पैसा निकाल लिया गया। 

जनसूचना के तहत जब सूचना मांगी तो काफी जद्दोजहद के बाद जानकारी प्राप्त हुई। जिले के अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक फरियाद कर चुके हैं, लेकिन निराशा ही हाथ लगी है। जिससे लाखों का घोटाला आज तक उजागर नहीं हो सका है। बाराबंकी मुख्य विकास अधिकारी ऋरेन्द्र कुमार ने बताया, ''भैसुरिया में तालाब के सुंदरीकरण की कोई शिकायत नहीं मिली है यदि शिकायत मिलती है तो इस पर अवश्य कार्यवाही की जायेगी।''

अरुण मिश्रा

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