मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की जरूरत: मुख्य सचिव

मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की जरूरत: मुख्य सचिवगाँव कनेक्शन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने निर्देश दिए हैं कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में उपलब्ध जल संसाधनों में से 40 हजार हेक्टेयर और वर्ष 2015-16 के निर्धारित लक्ष्य के अवशेष 2,885 हेक्टेयर मत्स्य पालन के लिए तालाबों के पट्टा आवंटन का लक्ष्य निर्धारित कर विशेष अभियान चलाकर आवंटन की कार्रवाई प्राथमिकता से पूर्ण कराई जाए। 

उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को मत्स्य उत्पादन व्यवसाय से अधिक से अधिक लाभान्वित कराने के लिए और तालाबों को प्रदूषण व अतिक्रमण से बचाने के लिए पात्र लोगों को तालाबों के पट्टे आवंटित कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार और शिविरों का आयोजन कर प्रदेश में मत्स्य पालन के लिए तालाबों के पट्टों के आवंटन की कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित कराई जाए। 

मुख्य सचिव ने शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में मत्स्य पालन के लिए तालाबों के पट्टा आवंटन सम्बन्धी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन के लिए तालाबों का पट्टा आवंटन अवधि पूर्व की भांति ही 10 वर्ष यथावत रखने के लिए उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2016 के नियमों में संशोधन की कार्यवाही प्राथमिकता से पूर्ण कराई जाए। 

उन्होंने कहा कि तालाबों का पट्टा आवंटन 10 वर्ष की दीर्घकालीन अवधि के लिए करने से तालाबों में तकनीकी दृष्टिकोण से मत्स्य पालन का सुचारू प्रबन्ध सुनिश्चित हो सकेगा, जिससे तालाबों की उत्पादकता में वृद्धि होने के साथ-साथ मत्स्य पालकों को सुनिश्चित अजीविका के पर्याप्त अवसर मिलेंगे। रंजन ने बताया कि वर्ष 2015-16 की समाप्ति तक प्रदेश में 20,6990 तालाब जिनका क्षेत्रफल 147589.84 हेक्टेयर के सापेक्ष 91641 तालाबों की आवंटन एवं जिनका क्षेत्रफल 79137.40 हेक्टेयर मत्स्य पालन पट्टे पर आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015-16 में तालाबों के 10 वर्षीय पट्टा आवंटन के वार्षिक लक्ष्य 10 हजार हेक्टेयर के सापेक्ष मार्च, 2016 तक 7115.44 हेक्टेयर का पट्टा आवंटन किया गया है। 

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