महिलाओं की ऐसी बीमारियां, जिनके बारे में उन्हें भी नहीं पता

Shrinkhala PandeyShrinkhala Pandey   9 Aug 2018 10:20 AM GMT

महिलाओं की ऐसी बीमारियां, जिनके बारे में उन्हें भी नहीं पताोमीट्रियोसिस’ महिलाओं की एक बीम

जिन महिलाओं को मेनोपॉज़ हो चुका होता है यानी जिनका मासिक धर्म बंद हो जाता है, उनमें एंडोमीट्रियोसिस होने की आशंका कम होती है। यह लंबे वक़्त तक रहने वाली बीमारी है जो मरीज को शारीरिक और मानसिक तौर पर तोड़कर रख देती है। इससे जूझ रही महिलाओं के मां बनने की संभावना भी काफ़ी कम हो जाती है।

महिलाओं के ऊपर पूरे घर की जिम्मेदारी होती है, ऐसे में वो अपने सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। महिलाओं में कई ऐसी बीमारियां हैं जिनके बारे में वो खुलकर बात नहीं करती हैं और कई ऐसी भी बीमारियां हैं, जिनके बारे में वो खुद नहीं जानती क्योंकि उसके बारे में वो किसी से चर्चा नहीं करती हैं।

35 साल की नीता कुमारी चौथे स्टेज के 'एंडोमीट्रियोसिस' से जूझ रही हैं। यह एक ऐसी बीमारी है जिसके बारे में महिलाओं को बहुत कम जानकारी है और इस बारे में बात भी बहुत कम होती है। 'एंडोमीट्रियोसिस सोसायटी ऑफ़ इंडिया' के मुताबिक़ भारत में करीब ढाई करोड़ महिलाएं इससे पीड़ित हैं।

क्या है एंडोमीट्रियोसिस

लखनऊ की स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ पुष्पा जायसवाल बताती हैं, "इस बीमारी में गर्भाशय के आस-पास की कोशिकाएं और ऊतक (टिशू) शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल जाते हैं जो सामान्य नहीं है। ये अंडाशय, फ़ैलोपियन ट्यूब, यूरीनरी ब्लैडर में या पेट के अंदर किसी भी जगह पर फैल सकते हैं। यह बीमारी आमतौर पर किशोरियों व युवा महिलाओं में देखने को मिलती है।

जिन महिलाओं को मेनोपॉज़ हो चुका होता है यानी जिनका मासिक धर्म बंद हो जाता है, उनमें एंडोमीट्रियोसिस होने की आशंका कम होती है। यह लंबे वक़्त तक रहने वाली बीमारी है जो मरीज को शारीरिक और मानसिक तौर पर तोड़कर रख देती है। इससे जूझ रही महिलाओं के मां बनने की संभावना भी काफ़ी कम हो जाती है।

नीता कुमारी बताती हैं, "मुझे पीरियड के दौरान बहुत तेज दर्द होता था। मैनें जब डॉक्टर को बताया तो उन्होंने कहा मुझे एंड्रोमीट्रियोसिस है। इस बारे में डॉ पुष्पा जायसवाल बताती हैं, " इस बीमारी में माहवारी के दौरान खून गर्भाशय के बाहर गिरकर इकट्ठा होने लगता है। इस खून की वजह से सिस्ट या गांठें बढ़ने लगती हैं और दर्द बढ़ जाता है।"

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लक्षण

  • अनियमित मासिक धर्म
  • मासिक धर्म के दौरान असामान्य रूप से ज़्यादा ब्लीडिंग और दर्द
  • पीरियड्स शुरू होने से कुछ दिनों पहले स्तनों में सूजन और दर्द
  • यूरिन इंफेक्शन
  • सेक्स के दौरान और सेक्स के बाद दर्द
  • पेट के निचले हिस्से में तेज़ दर्द
  • थकान, चिड़चिड़ापन और कमज़ोरी

आनुवांशिक कारणों से भी हो सकता है

कम उम्र की महिलाओं में सर्जरी के बाद भी कई तरह के साइड इफ़ेक्ट्स देखने को मिलते हैं। सर्जरी को लेकर डॉक्टरों की हिचकिचाहट की यह भी एक वजह है। एंडोमीट्रियोसिस की कोई ख़ास वजह नहीं होती। कई बार ये आनुवांशिक वजहों पर भी निर्भर करता है। मरीज़ पर इलाज के असर का ठीक अनुमान लगा पाना भी मुश्किल है। पीरियड्स के दौरान दर्द और यूरिन इंफ़ेक्शन जैसी समस्याओं को संजीदगी से लिया जाना चाहिए। इसके साथ ही साफ़-सफ़ाई और डाइट पर भी ख़ास ध्यान दिया जाना चाहिए।

महिलाएं दर्द सहने की आदत डाल लेती हैं

डॉ जायसवाल बताती हैं, "हमारे यहां लड़कियां इसको गंभीरता से नहीं लेती। माहवारी में होने वाले दर्द को सहन करने की आदत डाल लेती हैं। यही कारण हैं कि उन्हें पता नहीं चल पाता कि ये एक बीमारी भी हो सकती है।"

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