पिता के इलाज के लिए प्रधानमंत्री ने की बच्चे की मदद

पिता के इलाज के लिए प्रधानमंत्री ने की बच्चे की मददgaon connection, गाँव कनेक्शन

राजीव शुक्ला

कानपुर। "मैं अति गरीब सिलाई मजदूर का बेटा हूं। चंदे से मेरे पिता का इलाज चल रहा है। मैं, मेरी मां और छोटा भाई पिता के ही सहारे है। अगर आप की कृपा हो जाएगी तो मेरे पिता जी का समुचित उपचार हो जायेगा और हम दोनों भाइयों का भविष्य बिगड़ने से बच जायेगा", तेरह साल के सुशांत ने अपने पिता के इलाज़ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में ये बात कही। प्रधानमंत्री मोदी ने सुशांत की सुन ली

सुशांत सातवीं कक्षा का छात्र है वह कानपुर नगर के नौबस्ता संजय गांधी नगर में रहने वाले सरोज मिश्रा का बेटा है सरोज मिश्रा एक सिलाई मजदूर है। परिवार में पत्नी उषा, बड़ा बेटा सुशांत और छोटा बेटा तन्मय है तन्मय चौथी कक्षा का छात्र है। सरोज मिश्रा बीते दो साल से बिस्तर पर पड़े है वो अस्थमा की बीमारी से पीड़ित है, सरोज कानपुर में कई डाक्टरों से इलाज करा चुके है इसके बावजूद भी उन्हें लेकिन उन्हें बीमारी से कोई राहत नहीं मिली।

साथ ही बिस्तर पर पड़े होने की वजह से परिवार की आर्थिक स्थिति भी खराब होती चली जा रही था हालत यहाँ तक पहुंच गई कि इलाज के लिए स्थानीय लोगों ने चंदा इकट्ठा कर इलाज शुरू किया। 

सुशांत ने बताया कि वो अक्सर टीवी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देखा करता था। एक दिन उसके मन में विचार आया कि क्यों ना प्रधानमंत्री जी को अपनी समस्या बताये हो सकता है की वो ही कोई मदद कर सके बस यही सोच कर मैंने  28 जनवरी को प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखा। 26 फरवरी को डीएम कार्यालय से एक लेटर आया, जिसमे लिखा था कि उर्सला अस्पताल में जाकर सीएमओ कार्यालय में बात करें।

पत्र लिखने के बाद प्रधानमंत्री ने पत्र को संज्ञान में लेते हुए कानपुर के जिलाधिकारी को मदद करने को कहा बीते 26 फरवरी को जिलाधिकारी ने पीड़ित को पत्र भेजकर सूचित किया कि वो उर्सला में जाकर मुख्य चिकत्साधिकारी से संपर्क करें

पीड़ित सरोज मिश्रा ने बताया कि डीएम कार्यालय से लेटर आने के बाद उर्सला में डॉ. अनिल निगम से मिले और उन्होंने कुछ दवा और जांच के लिए लिखा है।

सीएमओ डॉ. आरपी यादव के अनुसार पीएमओ से सूचना मिलने के बाद दोनों बच्चों से संपर्क कर उनके पिता का इलाज शुरू करा दिया गया है। इसमें सभी जांचे और दवाएं निशुल्क होंगी। दवा से अगर आराम नहीं मिला तो सरोज को उर्सला में भर्ती कर इलाज किया जाएगा।

सुशांत ने बताया कि पिता का स्वास्थ्य ख़राब था, ऐसे में उसके स्कूल के प्रधानाचार्य से काफ़ी सहयोग प्राप्त हुआ। सुशांत को स्कूल में फ़ीस नही देनी पड़ती है  

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