प्राथमिक विद्यालय जंगल में तब्दील

प्राथमिक विद्यालय जंगल में तब्दीलgaonconnection

फतेहपुर। विकास खण्ड मलवां के कन्या प्राथमिक विद्यालय मौहार (द्वितीय) में समस्याओं का अंबार है। सफाई जैसी समस्याओं के बीच विद्यालय में प्रधानाचार्या सहित तीन शिक्षिकाएं और कुल बच्चों 73 जूझ रहे हैं।

विद्यालय परिसर में पानी की बड़ी समस्या है। विद्यालय परिसर में बना शौचालय झाड़-झंखाड़ से घिरा है। साफ-सफाई न होने के कारण विद्यालय परिसर जंगल में तब्दील हो गया है।

प्रधानाचार्या शगुफ्ता परवीन ने बताया, “विद्यालय विकास और स्वच्छता की समसयाओं से लगातार जूझ रहा है। यहां पर ना तो पीने के पानी की सुविधा है ना ही सफाईकर्मी की सुविधा है। जिससे विद्यालय का पूरा मैदान और विद्यालय परिषद जंगल में तबदील हो चुका है। यहां पर एक बिगड़ा हुआ हैंडपम्प जमाने से लगा हुआ है जो कि सिर्फ नाम के लिये है।

बच्चों को पीने का पानी घर से लाना पड़ता है। जबकि हमारा यह विद्यालय मेन हाईवे एनएच-2 के किनारे है। इसके बावजूद भी पूर्ण रूप से असुरक्षित और समुचित सुविधाओं से विहिन है। यहां की बाउंड्री पर कोई गेट आज तक नहीं लगाया जा सका है। जिससे गाँव वालों ने विद्यालय के अन्दर से ही गाँव के अन्दर आने-जाने का रास्ता बनाया हुआ है। जानवर भी इसी से निकालते है।” 

प्रधानाचार्या आगे बताती है, “ पिछले कई वर्ष पहले विद्यालय की रसोई का गैस सिलेन्डर और चूल्हा चोर चुरा ले गये थे। जिसकी शिकायत पुलिस और अपने विभागी अधिकारियों से उस समय रहें प्रधानाचार्या ने लिखित रूप में की थी। तब से लेकर आज तक विद्यालय की रसोई में कोई गैस सिलेन्डर की सुविधा नहीं है और यहां के बच्चों का पूरा भोजन चूल्हे में ही बनता आ रहा है।”

बताते चलें कि स्वच्छता मिशन के तहत सन 2015 में बना शौचालय बनने के महीने भर बाद पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। आज तक विद्यालय के बच्चों के उपयोग में ना आ सका, जर्जर पड़े इस शौचालय के अगल-बगल अच्छा खासा जंगल खड़ा हो गया है।

जहां पर बरसात होते ही सर्प, बिच्छू दिखाई देने लगे है जिससे विद्यालय के बच्चों की जान का खतरा पनप रहा है जिससे इस विद्यालय के विकास ओर स्वछता के प्रति की जा रही शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही और अनदेखी की वजह से जहां विद्यालय परिसर, विद्यालय स्टाफ और बच्चे लगातार विद्यालय में हो रही तमाम समस्यों से जूझते नजर आ रहे है वही प्राथमिक विद्यालय के प्रति हो रही इतनी बड़ी लापरवाही से लोग भी नाराज दिखई दे रहे हैं। कुछ बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि जब विद्यालय परिसर सुरक्षित नहीं है तो हमारे बच्चे कैसे सुरक्षित रहेंगे। जिस विद्यालय का स्टाफ जितना ही अच्छा है उससे कई गुना ज्यादा विद्यालय में गन्दगी और असुविधाओं का माहौल है। 

रिपोर्टर - आशुतोष शुक्ला

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