प्रदेश का दूसरा गैस इंसुलेटेड सिस्टम पॉवर स्टेशन शुरू

प्रदेश का दूसरा गैस इंसुलेटेड सिस्टम पॉवर स्टेशन शुरू

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश का दूसरा गैस इंसुलेटेड सिस्टम से चलने वाला पावर स्टेशन इलाहाबाद में चालू हो गया है ।  गैस आधारित पहला पावर स्टेशन प्रदेश के नोएडा में है। 2200 करोड़ रुपए की लागत से बने इस पावर स्टेशन से इलाहाबाद मंडल के साथ प्रदेश के अन्य जिलों में बिजली की आपूर्ति करने में भी मदद मिलेगी।

शहर से लगभग 15 किमी दूर रीवां रोड पर बने इस बिजली घर से बिजली की सप्लाई शुरू हो गई है। अभी 400 केवीए के नए पावर स्टेशन को ओबरा पनकी लाइन से जोड़ दिया गया है। प्रयोग के तौर पर इस स्टेशन से पैदा होने वाली बिजली पनकी को सप्लाई की जा रही है। 2 अक्टूबर को देर रात लगभग डेढ़ बजे नए पावर स्टेशन को चालू किया गया। अभी भी स्टेशन पर विशेषज्ञों की टीम लगी हुई है।

इस बिजली घर में 1500 करोड़ रुपए के आधुनिक उपकरण लगे हुए हैं। तमाम उपकरण विदेश से मंगाए गए हैं। इन उपकरणों का परीक्षण भी किया जा रहा है। पूर्वांचल विद्युत पारेषण निगम के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार दूबे ने बताया कि "गैस आधारित 400 केवीए का प्रदेश का यह दूसरा पावर स्टेशन है। इसको भी चालू कर दिया गया है। प्रयोग सफल रहा। बिजली घर पूरी क्षमता से चल रहा है।"

आखिर गैस इंसुलेटेड सिस्टम की जरुरत क्यों पड़ी? इस पर उन्होंने बताया कि "पहले हम बिजली घर बनाते थे तो बहुत बड़ी जमीन की जरुरत होती थी और जोकि शहर में मिलना बहुत मुस्किल होता था। इसलिए तकनीकी विकास के चलते हमने गैस इंसुलेटेड पॉवर प्लांट बनाया जो एक छोटे से कमरे में ही उतनी बिलजी बनाता है जितनी बड़े से बिजली घर में बनती है। उन्होंने ने आगे बताया कि "जो पहले बिजली घर बनते थे, उनमे हवा से इंसुलेशन किया जाता था पर इस सिस्टम में हवा की जगह गैस का इस्तेमाल किया जाता है। गैस थोड़ी महंगी जरुर पड़ती है, पर अगर जमींन की कीमत के आधार पर देखे तो बचत ही होती है। साथ ही ये सिस्टम सुरक्षा के आधार पर भी पुराने तरीके से चार गुना बेहतर है क्योंकि अगर इसमें कोई समस्या आती है तो यह सिस्टम खुद ही काम करना बंद कर देता है। आगे आने वाले दिनों में इसमें लगने वाली लागत भी कम हो जाएगी।

इलाहाबाद के गंगापार, यमुनापार और पुराने शहर में बिजली की समस्या इस प्लांट के चालू हो जाने से ख़त्म हो जाएंगी। अक्टूबर 2016 से पूरे उत्तर प्रदेश के महानगरो में 24 घंटे और ग्रामीण इलाकों  में 18 घंटे बिजली देने का लक्ष्य उत्तर प्रदेश सरकार ने बनाया है।

पुराने बैरहना के रहने वाले अंजनि यादव (24) ने बताया कि उनके यहाँ बिजली के वोल्टेज की बहुत कमी रहती है जोकि इस नए पॉवर स्टेशन के बन जाने से कम हो जाएगी। क्योंकि इस प्लांट की ज्यादा बिजली पुराने शहर को ही दी जाएगी इससे यहाँ होने वाली बिजली की समस्या काम हो जाएगी।

दूसरे जनपदों तक होगी बिजली की आपूर्तिइस बिजली घर से बारा पावर संयत्र में पैदा होने वाली बिजली की सप्लाई की जाएगी। इलाहाबाद मंडल के साथ नोएडा, मैनपुरी व कौशाम्बी जिलों को इस स्टेशन से पावर की सप्लाई की जाएगी।

शहर के लोगों को मिलेगी राहतरीवां रोड के पुराने सब स्टेशन से शहर के पुराने मोहल्लों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। शहर में कुल 30 सब स्टेशन हैं। इनमें से 20 बिजली सब स्टेशन रीवां रोड सब स्टेशन से जुड़े हैं। इस सब स्टेशन पर लोड अधिक होने से आए दिन पुराने शहर की बिजली गुल रहती है। लो वोल्टेज की भी समस्या रहती है। पुराने सब स्टेशन को जब 400 केवी के पावर स्टेशन से जोड़ दिया जाएगा तो आपूर्ति सामान्य हो जाएगी।

कुछ दिन बाद पूरी क्षमता से चलेगा नया पावर स्टेशनपूर्वांचल विद्युत पारेषण निगम के मुख्य अधीक्षण अभियंता जी. पी. वर्मा ने कहा कि नए सब स्टेशन में सारी तैयारी हो गई है बस थोड़े दिनों के भीतर यहाँ से बिजली की सप्लाई होने लगेगी और पूरी क्षमता से चलने लगेगा। इस नये पावर स्टेशन के चालू हो जाने से शहर की बिजली आपूर्ति सामान्य हो जाएगी।

रिपोर्टर - आकाश द्विवेदी

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