पुणे की इमारत में दबकर मरे बिहार के नौ श्रमिकों का मुद्दा पहुंचा संसद

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नई दिल्ली (भाषा)। पुणे में एक निर्माणाधीन इमारत में हुयी दुर्घटना में बिहार के नौ श्रमिकों की मौत हो जाने का मुद्दा सोमवार को राज्यसभा में उठा और जदयू के एक सदस्य ने पीड़ित के परिवारों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा दिए जाने की मांग की।

शून्यकाल में जदयू नेता शरद यादव और उनकी ही पार्टी के अली अनवर अंसारी ने यह मुद्दा उठाया। शरद यादव ने कहा कि देश में बेरोजगारी की स्थिति काफी गंभीर हो गयी है और श्रम कानून अप्रभावी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर जगह ठेके पर श्रमिकों की नियुक्ति की जा रही है।

कांग्रेस के आनंद शर्मा ने कहा कि सरकार ने हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था और उसे अपना वादा पूरा करना चाहिए। अंसारी ने पुणे की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सभी पीड़ित बिहार के समस्तीपुर जिले के थे। उन्होंने जेद्दा में बिहार के 700 लोगों के फंसे होने का भी मुद्दा उठाया और कहा कि उनके नियोक्ताओं ने महीनों से वेतन नहीं दिया है जिससे वे लोग खाना तक के लिए मोहताज हो गए हैं।

उन्होंने बेरोजगारी को जड़ से दूर करने की जरुरत पर बल दिया। शून्यकाल में ही सपा के राम गोपाल यादव ने उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में बाढ़ के कारण पैदा हुयी गंभीर स्थिति का मुद्दा उठाते हुए मांग की कि केंद्र को राज्य सरकार को तत्काल मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले चार पांच दिनों में भारी बारिश से गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर सहित विभिन्न जिलों में स्थिति गंभीर हो गयी है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में बस्तियां प्रभावित हुयी हैं और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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