पुरुषों की तुलना में वेतन से अधिक संतुष्ट महिला कर्मचारी

पुरुषों की तुलना में वेतन से अधिक संतुष्ट महिला कर्मचारीगाँव कनेक्शन

नई दिल्ली। महिला कर्मचारी, पुरुषों की तुलना में अधिक संतुष्ट हैं। एक सर्वेक्षण में कहा गया कि महिला कर्मचारी ‘रिवार्ड कार्यक्रम’ में किसी अन्य तत्व की तुलना में अधिक महत्व देती हैं।

ईवाई रिवार्ड्स सर्वे 2016 में कहा गया है कि प्रत्येक चार में से एक कर्मचारी उनके नियोक्ता द्वारा उन्हें दिए गए ‘पुरस्कार’ से असंतुष्ट रहता है। इसमें कहा गया है कि पुरुष जहां अपने नौकरी के अनुबंध में नकद राशि की पेशकश को अधिक महत्व देते हैं वहीं महिलाएं पूरे वेतन पैकेज पर।

सर्वेक्षण के अनुसार जहां 66 प्रतिशत महिलाओं ने अपने वेतन पर संतोष जताया, वहीं पुरुषों में यह संख्या मात्र 50 प्रतिशत रही। इसमें कहा गया है कि इससे यह संकेत मिलता है कि पुरुष अपने वेतन पैकेज में नकदी के हिस्से को अधिक महत्व देते हैं वहीं महिलाएं पूरे पैकेज पर ध्यान देती हैं। उनकी नजर में वेतन पैकेज में लाभ का अधिक महत्व होता है। यह सर्वेक्षण 12 उद्योगों की 128 कंपनियों के 452 कर्मचारियों के बीच किया गया। ये आंकड़ें इस वर्ष की पहली तिमाही में चेन्नई, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद और मुंबई से जुटाए गए हैं।

महिलाओं को कम वेतन  

नई दिल्ली (भाषा)। वेतन के मामले में देश में भेदभाव अब भी कायम है और महिलाओं का औसत वेतन पुरुषों की तुलना में 27 फीसदी कम है। ऑनलाइन करियर एवं रिक्रूटमेंट समाधान प्रदाता कंपनी मॉन्स्टर इंडिया ने मंगलवार को ‘मॉन्स्टर वेतन सूचकांक’ जारी किया। इसके अनुसार पुरुषों का औसत वेतन 288.68 रुपए प्रति घंटा है, वहीं महिलाओं का औसत वेतन 207.85 रुपए प्रति घंटा है। रिपोर्ट में कहा गया है 75 फीसदी कर्मचारी अपनी नौकरी से संतुष्ट हैं, पर वेतन से संतुष्ट कर्मचारियों की संख्या मात्र 55 फीसदी ही है। मॉन्स्टर इंडिया के प्रबंध निदेशक संजय मोदी ने रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के बारे में कहा एक ओर भारत विकास की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ये अनपेक्षित आंकड़े सामने आए हैं। आलोचक कहते हैं महिलाओं एवं पुरुषों की आय में अंतर महिलाओं द्वारा चुने गए विकल्पों, व्यवसाय, परिवार या शिक्षा के स्तर के कारण है, लेकिन यह सच नहीं है।

आईटी सेक्टर में ज्यादा वेतन 

भारत में सूचना प्रौद्योगिकी (इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी) क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को सबसे अधिक वेतन मिलता है, जहां एक घंटे की औसत पगार 346.42 रुपए है। विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र में कार्यरत लोगों को सबसे कम तनख्वाह मिलती है। इस क्षेत्र में घंटे का औसत वेतन 254.04 रुपए है। मॉन्स्टर सैलरी इंडेक्स (एमएसआई) के मुताबिक, भारत में आईटी क्षेत्र सबसे अधिक वेतन देने वाला क्षेत्र है, लेकिन केवल 57.4 प्रतिशत कर्मचारी अपनी तनख्वाह से संतुष्ट हैं। वहीं बीएफएसआई (बैंक, वित्त एवं बीमा) क्षेत्र दूसरे पायदान पर आता है, जहां घंटे की औसत पगार 300.23 रुपए है। मॉन्स्टर डॉट कॉम इंडिया के प्रबंध निदेशक संजय मोदी ने कहा, आईटी और बीएफएसआई भारत में सबसे अधिक वेतन वाले क्षेत्रों में से एक रहे हैं, लेकिन यह देखकर आश्चर्य होता है कि इन दोनों ही क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी अपने वेतन से बहुत कम संतुष्ट हैं।

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