जम्मू कश्मीर में शुरू हुआ 'बैक टू विलेज' कार्यक्रम, अधिकारी घूम-घूम कर करेंगे गांवों का निरीक्षण

इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले या राज्य स्तर पर बन रही सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को अंतिम गांवों तक पहुंचाना है। इस कार्यक्रम के तहत जिले स्तर के अधिकारी हर पंचायत में दो दिन और एक रात बिताएंगे और योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे।

जम्मू कश्मीर में शुरू हुआ

लखनऊ। जम्मू कश्मीर के कई जिलों में 'बैक टू विलेज' कार्यक्रम शुरू हुआ है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले या राज्य स्तर पर बन रही सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को अंतिम गांवों तक पहुंचाना है। इस कार्यक्रम के तहत जिले स्तर के अधिकारी हर पंचायत में दो दिन और एक रात बिताएंगे और योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे।

अधिकारी पंचायत के पंचों और सरपंचों के साथ बैठक करेंगे और उनसे जानना चाहेंगे कि आखिर सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन उनके गांवों तक क्यों नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा महिला सभाओं का भी आयोजन किया जाएगा ताकि महिलाओं से संबंधित समस्याओं का भी निराकरण हो सके।

इन सभाओं और बैठकों के दौरान अधिकारी डाटा जमा करेंगे और उन कठिनाइयों को भी जानने की कोशिश करेंगे जिसकी वजह से योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर नहीं हो पाता है। अधिकारियों को इसके लिए 20 पेज का एक बुकलेट दिया गया है, जिसमें वे कुछ सवालों के आधार पर बुकलेट में डाटा भरेंगे।

राज्य के ग्रामीण विकास विभाग की सचिव शीतल नंदा ने बताया कि एक अधिकारी को एक सप्ताह के इस कार्यक्रम के दौरान लगभग 4500 पंचायतों में जाना होगा। उन्होंने बताया कि जुटाए गए डाटा और अनुभवों के आधार पर हर एक पंचायत के पांच प्रमुख समस्याओं को सामने लाया जाएगा। इसके बाद अधिकारी इन प्रमुख समस्याओं के निराकरण के लिए प्रमुखता से काम करेंगे।

नंदा ने बताया कि इसके लिए राज्य के सभी विभागों से समन्वय बनाया जाएगा। जिस विभाग के अन्तर्गत जो समस्या आएगी उसे प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। इस कार्यक्रम के कुछ महीने के बाद अधिकारी फिर से उन्हीं पंचायतों का दौरा करेंगे और यह जांच करेंगे कि समस्याओं का निपटारा किस स्तर तक हुआ है।

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