रोज़ अाज़मा सकते हैं ये देसी नुस्खे

रोज़ अाज़मा सकते हैं ये देसी नुस्खेगाँव कनेक्शन

आदिवासी हर्बल जानकारों के अनुसार दुनिया में कोई भी ऐसी जड़ीबूटी नहीं है जो काम की नहीं है। हर एक पेड़ पौधे के अपने औषधीय महत्व हैं। इस लेख के पिछले भाग में आपको बताया गया था कि देसी तरीकों को आजमाकर कैसे आप कई तरह से फायदे उठा सकते हैं, वो भी बिना पैसे खर्च किये निहायत घरेलू उपायों के जरिये। लेख के इस भाग में हम आपको ऐसे कुछ और नुस्खे बतायेंगे जिन्हें देश के अलग अलग ग्रामीण इलाकों में लोग अपनाते रहे हैं और इन तरीकों का लाभ लेते रहे हैं। तो आप भी इन्हें आजमाकर देखिये।

ऐसे करें कोलेस्ट्राल कम 

लहसुन की सिर्फ  दो कलियों का प्रतिदिन सेवन आपके शरीर से खतरनाक कोलेस्ट्राल का स्तर कम कर देता है और साथ ही उच्च रक्त चाप को सामान्य करने में मदद करता है? लहसुन की दो कलियों को छील लिया जाए और इसे चबाया जाए। ऐसा प्रतिदिन सुबह खाली पेट किया जाए और एक गिलास पानी का सेवन किया जाए तो यह कोलेस्ट्राल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करने के साथ-साथ आपके उच्च रक्तचाप को भी सामान्य करने में सहायक होता है। 

डायबिटीज नियंत्रण के लिए देसी नुस्खा

लगभग एक चम्मच अलसी के बीजों को खूब चबाया जाए और एक गिलास पानी का सेवन किया जाए। ऐसा प्रतिदिन सुबह खाली पेट और रात सोने से पहले किया जाना चाहिए। डाँग (गुजरात ) में आदिवासी दालचीनी की छाल का चूर्ण तैयार करते हैं और इसे (लगभग 3.4 ग्राम) एक कप पानी में डालकर आधा घंटे तक रख देते हैं और प्रतिदिन भोजन से ठीक पहले दिन में दो बार इस मिश्रण को लेने की बात की जाती है। 

जोड़ों के दर्द का बेजोड़ उपाय

लगभग 10 ग्राम अदरक और 4 कालीमिर्च के दाने लेकर 10 मिली लीटर पानी में कुचल लीजिए और बाद में इसे निचोड़कर छान लीजिए। प्राप्त रस को शरीर के दर्दवाले हिस्सों पर दिन में दो से तीन बार लगाईये, दर्द में राहत मिलती है और जबरदस्त फायदा होता है। आधुनिक विज्ञान भी अब अदरक के इन गुणकारी प्रभावों का लोहा मानता है, माना जाता है कि प्रोस्टाग्लेंडिन लेवल को कमजोर कर अदरक जोड़ दर्द या आर्थरायटिस में खूब कारगर है।

मोटापा कम करें

एक किलो परवल के फल लेकर छोटे-छोटे टुकड़े कर लीजिए, 400 ग्राम कोकम के फल को भी इसके साथ लीजिए और दोनों को 4 लीटर पानी में डालकर तब तक उबालें जब तक कि ये एक चौथाई ना बचे। इसे छान लें और ठंडे स्थान पर रख दें। प्रतिदिन सुबह इस रस का 100 मिली खाली पेट सेवन करें, जूस खत्म हो जाने पर इसी विधि से पुन: बनाएं, सिर्फ़  एक महीने आजमाकर देखिए, आपको निश्चित तौर पर परिणाम मिलेंगे। 

पेप्टिक अल्सर का देसी इलाज

बबूल गोंद को पेप्टिक अल्सर में रामबाण की तरह माना जाता है, 100 मिली दूध को गर्म किया जाए और इसमें 20 ग्राम बबूल गोंद और 15 ग्राम तुलसी की सूखी पत्तियों का चूर्ण मिला लिया जाए और थोड़ी देर और कम आंच पर उबाला जाए। इस मिश्रण को दिन में दो बार खाना खाने के बाद लेना चाहिए।  

महिलाओं की समस्याएं

अशोक का वृक्ष महिलाओं में होने वाले मासिक धर्म संबंधित रोगों के लिए रामबाण है, जिन महिलाओं को जननांग से सफेद या हल्के पीले रंग का लगातार स्रावण (ल्युकोरिया) हो, जिन्हें ज्यादा मात्रा में या अधिक समय तक चलने वाले मासिक धर्म (मेनोरेजिया) की समस्या हो या अनियमित मासिक धर्म की शिकायत रहती हो, उन्हें अवश्य रूप से अशोक की छाल का उपयोग करना चाहिए। अशोक की छाल का चूर्ण शहद में मिलाकर दिन में तीन बार एक मासिक धर्म के खत्म होने से लेकर दूसरे शुरू होने के दौरान लेते रहना चाहिए। इससे ल्युकोरिया ठीक हो जाता है। अशोक की छाल (10 ग्राम) लेकर इसे एक पाव दूध के साथ उबालें और प्रतिदिन लें । 

देसी ज्ञान  आजमाईये, वजन बढ़ाइये

खरबूज प्राकृतिक रूप से वजन बढ़ाने के लिए एक कारगर देसी उपाय है, जो व्यक्ति 100 ग्राम खरबूज का सेवन प्रतिदिन लगातार एक माह तक करता है, उसका वजन बढ़ने लगता है। प्रतिदिन पके आम खाने के बाद एक गिलास दूध पीने से वजन तेजी से बढ़ता है।

गंजेपन का देसी इलाज

पत्ता गोभी को थोड़े से पानी के साथ कुचलकर पेस्ट तैयार किया जाए, इस पेस्ट को सिर के गंजे हिस्सों पर लगाकार आधे घंटे तक रहने दिया जाए, और फिर स्नान कर लिया जाए। ऐसा दो महीनों तक करना चाहिए। ऐसा करने के साथ-साथ सुवा और कच्ची पत्ता गोभी को भी चबाया जाए तो कुछ दिनों में गंजे सिर पर बाल आना शुरू हो जाता है।

Tags:    India 
Share it
Share it
Share it
Top