By Gaon Connection
केंद्र सरकार ने देश में दवाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल रोक लगा दी है। विशेषज्ञों की समीक्षा में इन दवाओं को तर्कसंगत नहीं पाया गया, क्योंकि इनके लिए पर्याप्त चिकित्सीय औचित्य और सुरक्षित विकल्प मौजूद हैं। यह फैसला मरीजों के स्वास्थ्य जोखिम को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
केंद्र सरकार ने देश में दवाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल रोक लगा दी है। विशेषज्ञों की समीक्षा में इन दवाओं को तर्कसंगत नहीं पाया गया, क्योंकि इनके लिए पर्याप्त चिकित्सीय औचित्य और सुरक्षित विकल्प मौजूद हैं। यह फैसला मरीजों के स्वास्थ्य जोखिम को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
By Preeti Nahar
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने रेस्टोरेंट और फूड यूनिट्स के लिए नया निर्देश जारी किया है। अब ज़ंग लगे, ख़राब या टूटे हुए चाकू, ब्लेड और कटिंग उपकरणों का इस्तेमाल तुरंत बंद करना होगा। यह कदम खाद्य पदार्थों में गंदगी और संक्रमण के ख़तरे को देखते हुए उठाया गया है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने रेस्टोरेंट और फूड यूनिट्स के लिए नया निर्देश जारी किया है। अब ज़ंग लगे, ख़राब या टूटे हुए चाकू, ब्लेड और कटिंग उपकरणों का इस्तेमाल तुरंत बंद करना होगा। यह कदम खाद्य पदार्थों में गंदगी और संक्रमण के ख़तरे को देखते हुए उठाया गया है।
By Preeti Nahar
कफ सिरप खरीदने वालों के लिए केंद्र सरकार ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब बिना डॉक्टर की पर्ची के कफ सिरप मिलना आसान नहीं होगा। सरकार ने दवाओं के नियमों में संशोधन करते हुए इनकी बिक्री और इस्तेमाल पर निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है। क्या अब मेडिकल स्टोर से कफ सिरप लेने के लिए डॉक्टर की पर्ची जरूरी होगी और सरकार ने यह कदम क्यों उठाया है? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।
कफ सिरप खरीदने वालों के लिए केंद्र सरकार ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब बिना डॉक्टर की पर्ची के कफ सिरप मिलना आसान नहीं होगा। सरकार ने दवाओं के नियमों में संशोधन करते हुए इनकी बिक्री और इस्तेमाल पर निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है। क्या अब मेडिकल स्टोर से कफ सिरप लेने के लिए डॉक्टर की पर्ची जरूरी होगी और सरकार ने यह कदम क्यों उठाया है? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।
By Preeti Nahar
गर्मियों में आम का मौसम है। बाजार में कई बार केमिकल से पकाए आम मिलते हैं लेकिन सवाल है कि क्या एक जैसे पीले रंग वाले और बिना खुशबू वाले आम केमिकल से पकाए गए हो सकते हैं? क्या डंठल के पास आने वाली प्राकृतिक खुशबू और अलग-अलग रंगत वाले आम ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं? आइए जानते हैं आम खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
गर्मियों में आम का मौसम है। बाजार में कई बार केमिकल से पकाए आम मिलते हैं लेकिन सवाल है कि क्या एक जैसे पीले रंग वाले और बिना खुशबू वाले आम केमिकल से पकाए गए हो सकते हैं? क्या डंठल के पास आने वाली प्राकृतिक खुशबू और अलग-अलग रंगत वाले आम ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं? आइए जानते हैं आम खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
By Preeti Nahar
क्या आपके खाने के पैकेट, केक बॉक्स या मिठाई के डिब्बे में लगा स्टेपल पिन आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकता है? लोगों की सुरक्षा को देखते हुए FSSAI ने फूड पैकेजिंग में धातु के पिन और तार के इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगा दी है। जानिए इस नए नियम का किन खाद्य कारोबारियों और ग्राहकों पर पड़ेगा असर।
क्या आपके खाने के पैकेट, केक बॉक्स या मिठाई के डिब्बे में लगा स्टेपल पिन आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकता है? लोगों की सुरक्षा को देखते हुए FSSAI ने फूड पैकेजिंग में धातु के पिन और तार के इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगा दी है। जानिए इस नए नियम का किन खाद्य कारोबारियों और ग्राहकों पर पड़ेगा असर।
By Preeti Nahar
केरल के कोझिकोड जिले में निपाह वायरस का एक संदिग्ध मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। मरीज का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। संक्रमण की पुष्टि के लिए मरीज के नमूने पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने तक प्रशासन एहतियाती कदम उठा रहा है।
केरल के कोझिकोड जिले में निपाह वायरस का एक संदिग्ध मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। मरीज का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। संक्रमण की पुष्टि के लिए मरीज के नमूने पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने तक प्रशासन एहतियाती कदम उठा रहा है।
By Preeti Nahar
ICMR-NIN की नई स्टडी के अनुसार विटामिन डी और बी-कॉम्प्लेक्स विटामिनों की कमी डिमेंशिया के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ी हो सकती है। अध्ययन में पाया गया कि कम पोषण, सीमित आहार विविधता और असंतुलित खानपान वाले लोगों में डिमेंशिया का खतरा अधिक था। शोधकर्ताओं ने संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन को मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए जरूरी बताया है।
ICMR-NIN की नई स्टडी के अनुसार विटामिन डी और बी-कॉम्प्लेक्स विटामिनों की कमी डिमेंशिया के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ी हो सकती है। अध्ययन में पाया गया कि कम पोषण, सीमित आहार विविधता और असंतुलित खानपान वाले लोगों में डिमेंशिया का खतरा अधिक था। शोधकर्ताओं ने संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन को मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए जरूरी बताया है।
By Gaon Connection
उत्तर प्रदेश में टेक होम राशन योजना के तहत हर महीने करीब 1.56 करोड़ बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं तक पोषण आहार पहुंचाया जा रहा है। NFHS के आंकड़ों के अनुसार बच्चों में स्टंटिंग की दर 39.7% से घटकर 31.5% हुई है। योजना में जीपीएस, क्यूआर कोड और ओटीपी आधारित निगरानी व्यवस्था लागू है, जबकि उत्पादन और आपूर्ति से 4,000 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह सदस्य रोजगार से जुड़ी हैं।
उत्तर प्रदेश में टेक होम राशन योजना के तहत हर महीने करीब 1.56 करोड़ बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं तक पोषण आहार पहुंचाया जा रहा है। NFHS के आंकड़ों के अनुसार बच्चों में स्टंटिंग की दर 39.7% से घटकर 31.5% हुई है। योजना में जीपीएस, क्यूआर कोड और ओटीपी आधारित निगरानी व्यवस्था लागू है, जबकि उत्पादन और आपूर्ति से 4,000 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह सदस्य रोजगार से जुड़ी हैं।
By Gaon Connection
डूमस्क्रॉलिंग यानी देर रात तक सोशल मीडिया पर लगातार नकारात्मक खबरें, रील्स और वीडियो देखते रहना, मानसिक स्वास्थ्य और नींद पर बुरा असर डाल सकता है। विशेषज्ञ के अनुसार यह आदत तनाव, एंग्जायटी, डिप्रेशन और एकाग्रता में कमी का कारण बन सकती है। इससे बचने के लिए सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करना और सकारात्मक दिनचर्या अपनाना जरूरी है।
डूमस्क्रॉलिंग यानी देर रात तक सोशल मीडिया पर लगातार नकारात्मक खबरें, रील्स और वीडियो देखते रहना, मानसिक स्वास्थ्य और नींद पर बुरा असर डाल सकता है। विशेषज्ञ के अनुसार यह आदत तनाव, एंग्जायटी, डिप्रेशन और एकाग्रता में कमी का कारण बन सकती है। इससे बचने के लिए सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करना और सकारात्मक दिनचर्या अपनाना जरूरी है।
By Umang
मुंबई में एक वड़ा पाव विक्रेता द्वारा अखबार में खाना परोसने का मामला सामने आने के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने देशभर के खाद्य कारोबारियों को चेतावनी जारी की है। प्राधिकरण ने कहा कि अखबार की स्याही में मौजूद रसायन और भारी धातुएं भोजन को दूषित कर सकती हैं जबकि अखबार संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया और रोगाणुओं के भी वाहक हो सकते हैं। एफएसएसएआई ने स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, रेस्तरां, क्लाउड किचन और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को अखबार के इस्तेमाल पर रोक लगाने तथा केवल फूड-ग्रेड पैकेजिंग सामग्री अपनाने का निर्देश दिया है।
मुंबई में एक वड़ा पाव विक्रेता द्वारा अखबार में खाना परोसने का मामला सामने आने के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने देशभर के खाद्य कारोबारियों को चेतावनी जारी की है। प्राधिकरण ने कहा कि अखबार की स्याही में मौजूद रसायन और भारी धातुएं भोजन को दूषित कर सकती हैं जबकि अखबार संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया और रोगाणुओं के भी वाहक हो सकते हैं। एफएसएसएआई ने स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, रेस्तरां, क्लाउड किचन और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को अखबार के इस्तेमाल पर रोक लगाने तथा केवल फूड-ग्रेड पैकेजिंग सामग्री अपनाने का निर्देश दिया है।
By Gaon Connection
By Gaon Connection
By Preeti Nahar
By Gaon Connection
By Preeti Nahar
By Gaon Connection
By Gaon Connection