By Gaurav Rai
डायबिटीज़ को कंट्रोल में रखने के लिए सिर्फ़ दवाइयों पर निर्भर रहना काफ़ी नहीं है। सही खानपान और अच्छी जीवनशैली बहुत ज़रूरी है। डायटीशियन नेहा मोहन सिन्हा बता रही हैं कि क्या खाना चाहिए, क्या नहीं खाना चाहिए ।
डायबिटीज़ को कंट्रोल में रखने के लिए सिर्फ़ दवाइयों पर निर्भर रहना काफ़ी नहीं है। सही खानपान और अच्छी जीवनशैली बहुत ज़रूरी है। डायटीशियन नेहा मोहन सिन्हा बता रही हैं कि क्या खाना चाहिए, क्या नहीं खाना चाहिए ।
By Gaon Connection
निपाह वायरस एक जानलेवा संक्रमण है जो चमगादड़ों, दूषित भोजन और इंसान-से-इंसान संपर्क से फैल सकता है। जानिए इसके मुख्य संक्रमण रास्ते, खतरे के संकेत और खुद को सुरक्षित रखने के आसान लेकिन ज़रूरी उपाय।
निपाह वायरस एक जानलेवा संक्रमण है जो चमगादड़ों, दूषित भोजन और इंसान-से-इंसान संपर्क से फैल सकता है। जानिए इसके मुख्य संक्रमण रास्ते, खतरे के संकेत और खुद को सुरक्षित रखने के आसान लेकिन ज़रूरी उपाय।
By Divendra Singh
क्या आपको भी लगता है गर्भावस्था में पैरासिटामोल लेना सुरक्षित नहीं है, या इसको लेने से गर्भ में पल रहे बच्चे को मानसिक बीमारियाँ हो सकती हैं तो आप गलत है, ये हम नहीं कह रहे वैज्ञानिकों का अध्ययन कहता है।
क्या आपको भी लगता है गर्भावस्था में पैरासिटामोल लेना सुरक्षित नहीं है, या इसको लेने से गर्भ में पल रहे बच्चे को मानसिक बीमारियाँ हो सकती हैं तो आप गलत है, ये हम नहीं कह रहे वैज्ञानिकों का अध्ययन कहता है।
By Gaon Connection
मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन के बढ़ते इस्तेमाल से आंखों की बीमारियां तेज़ी से बढ़ रही हैं। स्क्रीन टाइम बढ़ने से ड्राई आई, सिर दर्द और आंखों की थकान आम समस्या है। डायबिटीज से कैसे खराब होती हैं आंखें?
मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन के बढ़ते इस्तेमाल से आंखों की बीमारियां तेज़ी से बढ़ रही हैं। स्क्रीन टाइम बढ़ने से ड्राई आई, सिर दर्द और आंखों की थकान आम समस्या है। डायबिटीज से कैसे खराब होती हैं आंखें?
By Gaon Connection
भारत में टाइफाइड सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि गंदे पानी, कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था और बढ़ते एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की चेतावनी बन चुका है। Lancet की 2023 स्टडी बताती है कि हर साल लाखों लोग संक्रमित हो रहे हैं और हजारों की जान जा रही है। जानिए क्यों बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और यह संकट कैसे पूरे देश के लिए खतरा बनता जा रहा है।
भारत में टाइफाइड सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि गंदे पानी, कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था और बढ़ते एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की चेतावनी बन चुका है। Lancet की 2023 स्टडी बताती है कि हर साल लाखों लोग संक्रमित हो रहे हैं और हजारों की जान जा रही है। जानिए क्यों बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और यह संकट कैसे पूरे देश के लिए खतरा बनता जा रहा है।
By Gaurav Rai
हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली समस्या है। लेकिन कई बार छोटी-छोटी गलतियाँ मुसीबत बन सकती हैं, इसलिए समय रहते इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है। एक्सपर्ट से जानिए कैसे समय रहते इसे बचा जा सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली समस्या है। लेकिन कई बार छोटी-छोटी गलतियाँ मुसीबत बन सकती हैं, इसलिए समय रहते इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है। एक्सपर्ट से जानिए कैसे समय रहते इसे बचा जा सकता है।
By Preeti Nahar
एआई स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई सुबह का संकेत है। लखनऊ में हाल ही में आयोजित एक महत्वपूर्ण सम्मेलन में विशेषज्ञों ने बताया कि एआई तकनीक rural और urban स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
एआई स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई सुबह का संकेत है। लखनऊ में हाल ही में आयोजित एक महत्वपूर्ण सम्मेलन में विशेषज्ञों ने बताया कि एआई तकनीक rural और urban स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
By Gaon Connection
WHO की 2025 की रिपोर्ट बताती है कि शुगर-मीठे पेयों पर टैक्स लगाना मोटापा, डायबिटीज़ और दिल की बीमारियों से लड़ने का असरदार तरीका है। रिपोर्ट के मुताबिक जहाँ टैक्स बढ़ा, वहाँ मीठे पेयों की खपत घटी और लोगों ने स्वस्थ विकल्प अपनाए।
WHO की 2025 की रिपोर्ट बताती है कि शुगर-मीठे पेयों पर टैक्स लगाना मोटापा, डायबिटीज़ और दिल की बीमारियों से लड़ने का असरदार तरीका है। रिपोर्ट के मुताबिक जहाँ टैक्स बढ़ा, वहाँ मीठे पेयों की खपत घटी और लोगों ने स्वस्थ विकल्प अपनाए।
By Gaon Connection
हाल के अध्ययनों से स्पष्ट है कि हार्ट अटैक अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 18 से 45 वर्ष के युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान, तनाव, धूम्रपान और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण हैं।
हाल के अध्ययनों से स्पष्ट है कि हार्ट अटैक अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 18 से 45 वर्ष के युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान, तनाव, धूम्रपान और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण हैं।
By Gaon Connection
WHO की 2025 की नई HIV clinical management गाइडलाइन इलाज को सिर्फ दवाओं तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे मरीजों की ज़िंदगी, सामाजिक हालात और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जोड़कर देखती है। भारत जैसे देश में, जहाँ HIV के साथ गरीबी, पलायन, टीबी और कलंक भी जुड़े हैं, ये नई सिफारिशें इलाज को ज्यादा सरल, सुरक्षित और इंसान-केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा संकेत देती हैं।
WHO की 2025 की नई HIV clinical management गाइडलाइन इलाज को सिर्फ दवाओं तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे मरीजों की ज़िंदगी, सामाजिक हालात और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जोड़कर देखती है। भारत जैसे देश में, जहाँ HIV के साथ गरीबी, पलायन, टीबी और कलंक भी जुड़े हैं, ये नई सिफारिशें इलाज को ज्यादा सरल, सुरक्षित और इंसान-केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा संकेत देती हैं।
By Gaon Connection
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By
By Divendra Singh
By Divendra Singh
By Gaon Connection
By Gaon Connection