एक रिसर्च का दावा, नारियल तेल के सेवन से होती हैं दिल की बीमारियां

एक रिसर्च का दावा, नारियल तेल  के सेवन से होती हैं दिल की बीमारियांविशेषज्ञों का दावा है कि नारियल तेल अन्य संतृप्त वसा से बेहतर हो सकता है

वाशिंगटन (भाषा)। अगर आप खाने पकाने में नारियल तेल का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाइए। विशेषज्ञों ने कहा है कि आम तौर पर स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाने वाला नारियल तेल उतना ही अस्वास्थ्यकर है जितना कि मक्खन और जानवरों का फैट। पशु वसा को आम तौर पर स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता, जबकि जैतून और सूरजमुखी जैसे वनस्पति तेल स्वास्थ्य के लिए अच्छे विकल्प माने जाते हैं।

कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि नारियल तेल अन्य संतृप्त वसा से बेहतर हो सकता है। हालांकि, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) के अनुसार इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई विश्वसनीय अध्ययन नहीं है।

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संतृप्त वसा की अधिकता वाला आहार खाने से रक्त में लो डेंसिटी लाइपोप्रोटीन (एलडीएल) या 'बुरे' कॉलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है। इससे धमनियां अवरुद्ध हो सकती हैं या हृदय संबंधी रोगों और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।

एएचए के अनुसार नारियल तेल में वसा का 82 प्रतिशत हिस्सा संतृप्त होता है। यह मात्रा मक्खन (63 प्रतिशत), बीफ (50 प्रतिशत) और सूअर वसा (39 प्रतिशत) से अधिक है।

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अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने एक परामर्श में कहा है कि लोगों को संतृप्त वसा के सेवन की मात्रा सीमित करनी चाहिए और इसकी जगह जैतून और सूरजमुखी जैसे गैर संतृप्त तेल का सेवन करना चाहिए।

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