श्रमजीवी बम विस्फोट कांड में दोषी को मृत्युदण्ड

श्रमजीवी बम विस्फोट कांड में दोषी को मृत्युदण्डgaonconnection

जौनपुर (भाषा)। प्रदेश के जौनपुर जिले की एक अदालत ने वर्ष 2005 में श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन में हुए बम विस्फोट कांड में 29 जुलाई को दोषी करार दिए गए बांग्लादेश निवासी आलमगीर उर्फ रोनी को शनिवार को मृत्युदण्ड की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम बुधिराम यादव ने अभियुक्त रोनी को मृत्युदण्ड की सजा के साथ-साथ उस पर सात लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। रोनी को अदालत ने शुक्रवार को दोषी करार दिया था और सजा का निर्धारण शनिवार को किया है।

इस कांड के दूसरे आरोपी ओबेदुर्रहमान के मामले में दो अगस्त को फैसला होगा और दोषी पाये जाने पर सजा का निर्धारण किया जाएगा। अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई का सिलसिला अभी चल रहा है।

श्रमजीवी एक्सप्रेस बम विस्फोट कांड की सघन जांच के बाद देश की बड़ी सुरक्षा एजेंसियों ने आलमगीर उर्फ रोनी, औबैदुरहमान उर्फ बाबू के अलावा नफीकुल विश्वाश निवासी मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल और सोहाग उर्फ हिलाल निवासी बांग्लादेश के खिलाफ अलग-अलग आरोपपत्र दाखिल किए थे। रोनी और बाबू फिलहाल जौनपुर जेल में औ विश्वाश और हिलाल हैदराबाद जेल में बन्द हैं, जबकि अन्य आरोपियों में शरीफ उर्फ कंचन फरार है और गुलाम पाजदानी उर्फ याहिया और डॉ. सईद की मौत हो चुकी है। फैसले के वक्त अदालत में भारी मात्रा में पीएसी और पुलिस बल तैनात था। अदालत परिसर में आने वालों की सघन तलाशी भी ली जा रही थी।

ये था मामला

28 जुलाई 2005 को 5.20 बजे शाम जौनपुर जिले के सिगरामऊ के हरपालगंज रेलवे क्रासिंग के पास श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन में बम विस्फोट की घटना हुई थी, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में दर्जनों घायल भी हुए थे। ट्रेन के गार्ड जफर अली ने जीआरपी थाने में इस घटना की एफआईआर दर्ज कराई थी।

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