समेकित शिक्षा योजना से बागपत बाहर

समेकित शिक्षा योजना से बागपत बाहरgaonconnection

बागपत। जनपद के मूकबधिर बच्चों को इस बार लर्निंग कैंप में दाखिला नहीं मिलेगा। क्योंकि बागपत समेकित शिक्षा से बाहर कर दिया गया है।

समेकित शिक्षा के अंतर्गत 60 बच्चों के लिए लगने वाले लर्निंग कैंप के लिए बागपत और शामली का बजट जारी नहीं किया गया है, जबकि अन्य सभी जनपदों को बजट दे दिया गया है। बागपत बीआरसी पर यह कैंप पहले दो वर्ष तक नहीं दिया गया था और पिछले साल बागपत को यह कैंप मिला था, लेकिन इस बार फिर से जनपद को आउट कर दिया गया है।

गौरतलब है कि समेकित शिक्षा के अंतर्गत हर साल एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंप लगाया जाता है। इसके लिए जनपदवार बजट भी दिया जाता है। कैंप में 60 मूकबधिर, विकलांग, दृष्टिबाधित आदि बच्चों को दाखिला देकर उन्हें आवासीय सुविधा भी दी जाती है। कैंप के दौरान रहने, खाने, पाठ्य-सामग्री आदि सभी सामान नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है। नौ महीने के इस कैंप के लिए वार्डेन, टीचर और केयरटेकर भी तैनात किए जाते हैं।

दो वर्ष पहले बागपत को कैंप से बाहर कर दिया गया था, लेकिन पिछले साल फिर से जनपद को कैंप दिया गया था। जिसके बाद कैंप में बच्चों को दाखिला देकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन इस बार फिर से बागपत को समेकित शिक्षा से बाहर कर दिया गया है।

समेकित शिक्षा के अंतर्गत लगने वाले लर्निंग कैंप की सूची में बागपत और शामली शामिल नहीं किए गए हैं। इन जनपदों के लिए किसी भी तरह का बजट नहीं है। जबकि अन्य जनपदों के लिए प्रदेशभर में कुल 17 करोड़ 79 लाख 40 हजार रुपए का बजट जारी किया गया है। वर्ष 2016-17 के लिए यह बजट जारी कर लर्निंग कैंप शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्देश में यह भी साफ कहा गया है बागपत, शामली और भदोही को छोड़कर सभी में लर्निंग कैंप लगाए जाएंगे। बागपत को फिर से लर्निंग कैंप से बाहर करने पर मूकबधिर, दृष्टिबाधित और अन्य बच्चों को जोर का झटका लगेगा क्योंकि उनके अभिभावक लर्निंग कैंप के लिए इंतजार में बैठे थे और अपने बच्चों का दाखिला कराने की तैयारी में थे।

अब अभिभावकों को इससे गहरा झटका लगा है। उनके अरमानों पर पानी फिर गया है। बागपत को लर्निंग कैंप से बाहर करने का मामला शासन स्तर से आखिर क्यों उठाया जाता है? कहीं यहां के अधिकारियों की लापरवाही तो इसमें उजागर नहीं होती? क्योंकि एक वर्ष लर्निंग कैंप देकर फिर अगले साल कैंप छीन लेना कहीं न कहीं लापरवाही हो सकता है। जो हो, अब तो यह उन नौनिहालों को भारी पड़ेगा, जो लर्निंग कैंप के इंतजार में थे।उधर, राज्य परियोजना निदेशक जीएस प्रियदर्शी ने सभी जनपदों के बीएसए को इससे अवगत कराया है।

क्या है समेकित शिक्षा योजना

भारत सरकार द्वारा संचालित समेकित शिक्षा योजना के तहत निःशक्त बालक-बालिकाओं की शिक्षा सामान्य विद्यालय के माध्यम से उपलब्ध करायी जाती है। योजना के तहत सामान्य विद्यालय में अध्ययनरत निःशक्त बालक-बालिकाओं को निम्न सुविधाएं प्रदान की जाती है-

  • प्रति वर्ष पुस्तकों और लेखन सामग्री के लिए छात्र-छात्राओं को 400 रूपये दियो जाते हैं।
  • 200 रूपये प्रतिवर्ष ड्रेस के लिए दिये जाते हैं।
  • स्कूल आने-जाने के लिए छात्र को हर महीने 50 रूपये दिये जाते हैं।
  • नेत्रहीन विद्यार्थियों को कक्षा 5 के बाद 50 रूपये हर महीने वाचक भत्ता दिया जाता है।
  • शरीर के निचले भाग में निःशक्तताधारी छात्र-छात्राओं को हर महीने 75 रूपये मार्गरक्षण भत्ता दिया जाता है।

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