नौकरी छोड़ सिखा रहे जैविक खेती

नौकरी छोड़ सिखा रहे जैविक खेतीललित कुमार शहर की नौकरी छोड़कर लगभग सैकड़ों किसानों को जैविक खेती के गुर सिखा रहे हैं।

अमरकान्त, कम्युनिटी जर्नलिस्ट

बरेली। पिछले डेढ़ साल से ललित कुमार (25 वर्ष) शहर की नौकरी छोड़कर लगभग सैकड़ों किसानों को जैविक खेती के गुर सिखा रहे हैं। जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमी दूर बिथरीचैन ब्लॉक के लिलौरी गाँव में ललित कुमार रहते हैं। ललित बताते हैं, “आजकल ज्यादातर किसान रासायनिक खादों का प्रयोग कर रहे हैं। इसी को रोकने के लिए मैंने किसानों को जैविक खेती के प्रयोग के बारे में बताना शुरू किया। आज हमारे गाँव के आस-पास के लोग जैविक तरीके से ही खेती कर रहे हैं।”

किसानों को रासायनिक खादों के दुष्प्रभाव से बचाना है तो उन्हें जड़ से जोड़ना होगा। इसके लिए हम अपने विद्यालय के छात्रों के लिए सप्ताह में एक दिन का विशेष कार्यक्रम रखते हैं, जिसमें जैविक खेती करने के तरीके, लाभ एवं रासायनिक खादों की हानियों के बारे में सिखाते हैं।
ललित कुमार

खेती किसानी से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एप

किसानों को सिखाने के लिए ललित ने वर्मी कम्पोस्ट बनाने की यूनिट भी लगाई है, जिसके माध्यम से वह किसानों को अच्छी किस्म की कम्पोस्ट बनाकर बिक्री करने के बारे में भी जानकारी देते हैं। किसानों को जैविक खेती के बारे में जानकारी देने के अलावा ललित ने गाँव में वर्मी कम्पोस्ट, नीम कम्पोस्ट एवं अन्य प्रकार की जैविक खादों को बनाना अपने ही स्कूल से शुरू कर लिया है। जिसमें क्षेत्र के किसान आकर अपनी समस्यायों का हल पाते हैं व खादों को बनाना सीखते हैं।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top