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  • सामुदायिक रेडियो ग्रामीणों के लिए जानकारी का सशक्त माध्यम 

    'विश्व रेडियो दिवस' मनाने की शुरुआत 13 फरवरी को वर्ष 2012 से हुई थी। आज भी शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक मीडिया के सबसे सशक्त माध्यम के रूप में रेडियो को जाना जाता है। रेडियो में भी सामुदायिक रेडियो की अपनी अलग विशेषता है। इस 'विश्व रेडियो दिवस पर रेडियो जगत से जुड़े सभी साथियों और...

  • जैविक तरीके से ऐसे तैयार करें गुलाब की नर्सरी

    दीपांशु मिश्रा, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्कलखनऊ। किसान अब फसल ही नहीं बल्कि फूलों की नर्सरी के लिए भी जैविक ढंग अपना रहे हैं। किसानों के हिसाब से जैविक तरीके से नर्सरी में कम लागत और अधिक मुनाफा होता है।मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में रहने वाले मनोज कुमार (45 वर्ष) जैविक ढंग से गुलाब की नर्सरी तैयार करते...

  • विकास चला घोड़े की चाल या है ये आंकड़ों का कमाल ?

    भारत के सबसे पिछड़े ज़िलों में विकास प्रदर्शन के आंकड़े बुलेट ट्रेन की गति से सुधर रहे हों तो चौंकना स्वाभाविक है। देश के सर्वाधिक पिछड़े ज़िलों के लिए एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोगाम या 'आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम' की शुरूआत करते हुए मार्च 2018 में नीति आयोग ने कुल 101 सबसे पिछड़े ज़िलों की रैंकिंग...

  • इस गाँव में बेटी के जन्म पर लगाए जाते हैं 111 पौधे, बिना पौधरोपण हर रस्म अधूरी होती है

    लखनऊ। अपनी ग्राम पंचायत में सरकारी योजनाओं का सही से क्रियानवयन करने वाले इस सरपंच के कार्यों की चर्चा देश के साथ-साथ विदेशों में भी हो रही है। यहां बेटी के जन्म पर 111 पौधे लगाने के साथ ही 21 हजार रुपए बीस साल के लिए उस बेटी के खाते में जमा किये जाते हैं।राजस्थान के राजसमंद जिले से 10 किलोमीटर दूर...

  • सिर्फ मारपीट ही घरेलू हिंसा नहीं, चार तरह की होती हैं घरेलू हिंसाएं

    लखनऊ। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आये दिन किशोरियों-महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा के तहत मारने पीटने की घटनाएं पढ़ने और सुनने को मिलती हैं। मारने-पीटने के अलावा भी तीन तरह की और हिंसा होती हैं जिसका जिक्र कभी-कभार ही सुनने को मिलता है।उत्तर प्रदेश में घरेलू हिंसा पर काम कर रही ब्रेकथ्रू संस्था की...

  • बिना मर्ज़ी शादी भी घरेलू हिंसा, इन धाराओं में हो सकती है एफआईआर

    लखनऊ। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन किशोरियों-महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा के तहत मारने पीटने की घटनाएं पढ़ने और सुनने को मिलती हैं। मारने-पीटने के अलावा भी तीन तरह की और हिंसा होती हैं जिसका जिक्र कभी-कभार ही सुनने को मिलता है।उत्तर प्रदेश में घरेलू हिंसा पर काम कर रही ब्रेकथ्रू संस्था की...

  • मिर्च की खेती ने बदल दी इन किसानों की जिंदगी

    धान-गेहूं जैसी परंपरागत फसलों की खेती को छोड़ दूसरी नकदी फसलों की तरफ किसानों का ज्यादा रुझान बढ़ रहा है, एटा के खकरई गाँव में जहां पहले सिर्फ 12 बीघा में मिर्च की खेती होती थी, आज दो सौ बीघा से ज्यादा में मिर्च की खेती होने लगी है।एटा जिला मुख्यालय से लगभग 30 किमी. दूर मारहरा ब्लॉक के खकरई व आसपास...

  • Villagers Stand Against A Beer Factory, "We Will Die But Won't Give Up Our Forests!"

    'We will die but we won't give up our jungle.' These are the words Babita Patre of Balrampur Village in Odisha's Dhenkanal District. Babita is protesting against the beer factory that is coming up adjoining Balrampur. Many women like her have joined people from 12 villages in the...

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