प्रत्याशियों ने पकड़ी सोशल मीडिया की राह 

प्रत्याशियों ने पकड़ी सोशल मीडिया की राह नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए अनुमति लेनी होगी 

मोहित अस्थाना, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

उन्नाव। विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने के साथ ही प्रत्याशियों ने मतदाताओं को लुभाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। तमाम तरह के साधनों का प्रयोग कर वह जनता तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

इस बीच सबसे अधिक जिस माध्यम का प्रयोग किया जा रहा है, वह है सोशल मीडिया। मौजूदा समय में सभी राजनैतिक पार्टियों के प्रत्याशी चुनाव प्रचार के लिए सोशल मीडिया का जमकर प्रयोग कर रहे हैं। चुनावी वादों के साथ ही दिनभर की गतिविधियों को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर साझा किया जा रहा है।

विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के साथ ही चुनाव प्रचार पर रोक लग गई है। हालांकि चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने अब सोशल मीडिया को अपना सहारा बनाया है। सोशल मीडिया पर राजनैतिक दलों के साथ उनके प्रत्याशी सक्रिय हैं। फेसबुक से लेकर व्हाट्सऐप पर उम्मीदवारों के ग्रुप बन गए हैं और वह 24 घंटे एक्टिव रहते हैं। जिन पर चुनाव का जबरदस्त प्रचार चल रहा है। उम्मीदवारों के ग्रुप पर प्रत्याशियों के साथ ही उनके समर्थक भी प्रचार से जुड़ी जानकारी अपलोड करने के साथ ही उन्हें शेयर कर रहे हैं।

यही नहीं चुनाव से संबधित हर खबर भी चटखारे लेकर अपलोड हो रही है। जिनमें संभावित प्रत्याशी के पार्टी बदलने से लेकर नए दल में शामिल होने की खबरें भी अपलोड होती रहती हैं। प्रत्याशियों के साथ ही पार्टियों की हर गतिविधि पर लोगों की नजर भी बनी हुई है। इस सबके बीच आचार संहिता का कहीं से उल्लंघन न होने पाए इसके लिए चुनाव आयोग सोशल मीडिया पर अपनी पूरी नजर बनाए हुए है। चुनाव आयोग के सख्त निर्देश हैं कि अगर कहीं भी आचार संहिता का उल्लंघन पाया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।-

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