किदवई नगर में कांग्रेस की साख दांव पर 

किदवई नगर में कांग्रेस की साख दांव पर पिछले चुनाव में बहुत कम मतों से जीते थे कांग्रेस के विधायक अजय कपूर

राजीव शुक्ला, स्वयं कम्यूनिटी जर्नलिस्ट

कानपुर। पिछले विधानसभा चुनाव में नए परिसीमन में बनी किदवई नगर विधानसभा सीट इस वर्ष कानपुर नगर की सबसे महत्वपूर्ण सीटों में से एक है क्योंकि इसका कुछ हिस्सा गोविंद नगर विधान सभा से बना है। इस क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से गोविंद नगर विधान सभा से कांग्रेस के विधायक अजय कपूर का वर्तमान में कब्जा है। यह कानपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के तहत आता है।

सवा तीन लाख वोटरों वाली किदवई नगर विधानसभा में कांग्रेस उम्मीदवार अजय कपूर लगातार तीन बार से विधायक हैं। पहले दो विधानसभा चुनाव में यह विधान सभा गोविन्द नगर विधान सभा के नाम से जानी जाती थी। अब नए परिसमन में गोविन्द नगर विधान सभा का अधिकतर हिस्सा किदवई नगर विधान सभा में आ गया है। चुनाव 2007 में भारतीय जनता पार्टी के हनुमान मिश्र को 40,460 वोटों से हराया था। इस बार अजय कपूर को मिलने वाले वोटों की संख्या 1,10,478 थी। इसके बाद परिसमन बदला और गोविंद नगर विधानसभा का एक हिस्से के रूप में किदवई नगर विधानसभा से 2012 के चुनाव में वह तीसरी बार जीते, पर इस बार मिलने वाले वोटों की संख्या 63400 थी और जीत का अंतर भी 2027 ही रह गया था।

2012 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के विवेक शील शुक्ला (बीनू शुक्ला) से इनको कड़ी टक्कर भी मिली थी। इस सीट पर बसपा ने अपने प्रत्याशी के रूप में प. संदीप शर्मा और भारतीय जनता पार्टी ने यहां से एक बार फिर से ब्राह्मण प्रत्याशी के रूप में भारतीय जनता पार्टी की सरकार में मंत्री रह चुके महेश त्रिवेदी को मैदान में उतारा है। जबकि सपा यहाँ से ओम प्रकाश मिश्र को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस सीट से सपा और कांग्रेस में से किसका प्रत्याशी चुनाव लडेगा, जो निर्णय किदवई नगर विधानसभा एक महत्वपूर्ण निर्धारण करेगा।

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