#स्वयंफ़ेस्टिवल: बुजुर्ग दीनदयाल की आंखों को मिला इलाज, बोले-गाँव कनेक्शन धन्यवाद

#स्वयंफ़ेस्टिवल: बुजुर्ग दीनदयाल की आंखों को मिला इलाज, बोले-गाँव कनेक्शन धन्यवादनेत्र जांच शिविर में उमड़ी भीड़।

कानपुर। सत्तर वर्षीय दीन दयाल की खुशी का ठिकाना नहीं रहा जब उन्हें स्वयं फेस्टिवल के तहत नेत्र चिकित्सा शिविर का पता चला। दरअसल, वे बीते कई दिनों से कम दिखाई देने से परेशान थे। मगर रुपए के अभाव में वे कहीं नहीं जा पा रहे थे।

दरअसल, गाँव कनेक्शन की ओर से यूपी के 25 जिलों में आयोजित किए जा रहे स्वयं फेस्टिवल के तहत जनपद में दो से आठ दिसंबर तक विभिन्न ब्लॉक में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी के तहत शनिवार को जनपद के पतरा ब्लॉक के मझावां में नेत्र जांच शिविर लगाया गया। इसमें बड़ी संख्या में भाग लेकर लोगों ने अपनी आंखों की जांच करवाई। खासकर, इनमें वे बुजुर्ग शामिल हुए जो बीते कई दिनों से नोटबंदी के चलते रुपए के अभाव में अस्पताल नहीं जा सके थे। वहीं, बुजुर्ग दीनदयाल की आंखों की जांच हो जाने के बाद उन्होंने कहा, “धन्यवाद गाँव कनेक्शन। मैं आंखों के इलाज के लिए बीते कई दिनों से परेशान था। रुपया न होने के चलते बेबस था।”

वहीं, स्वयं फ़ेस्टिवल के दौरान आयोजित की जाने वाली किसान गोष्ठियों में कृषि विशेषज्ञ किसानों को कम खर्च में अधिक मुनाफ़ा कमाने के गुर बताने के साथ ही उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की समूचित लाभकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताएंगे। साथ ही, पशुओं का नि:शुल्क टीकाकरण कराया जाएगा। लड़कियों को आत्मरक्षा के लिए मजबूत बनाते हुए जूडो-कराटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं, छात्र-छात्राओं में खेल भावना को बढ़ाने के लिए कई स्कूलों के बीच खोखो और क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

इस दौरान यूपी पुलिस के अधिकारी बच्चों और बड़ों को क़ानूनी जानकारी देने के साथ ही उन्हें संकट की घड़ी में किस तरह पुलिस की त्वरित मदद पाने के तरीके भी सुझाएंगे। फोन पर लड़की और महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं को अंजाम देने वाले शोहदों को किस तरह सबक सिखाया जाए, इसके लिए 1090 की महिला पुलिस अधिकारियों की ओर से जानकारी मुहैया कराई जाएगी। दो से लेकर आठ दिसंबर तक होने वाले इस महाग्रामीण उत्सव में विभिन्न प्रकार के रंग देखने को मिलेंगे।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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