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‘बेटियों को स्कूल भेजने में अब नहीं लगता डर’

‘बेटियों को स्कूल भेजने में अब नहीं लगता डर’एंटी रोमियो स्क्वॉयड अभियान शुरू होने से अब नहीं लगता है डर बेटियों को ।

अजय कश्यप, स्वयं कम्यूनिटी जर्नलिस्ट

रामसनेही घाट (बाराबंकी)। माहिलाओं की सुरक्षा के लिए कई सरकारें नाकाम रही हैं और पिछले कई सालों से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकारें बड़ी-बड़ी बाते करते हैं। मगर हकीकत कुछ और ही देखने को मिलती है। इस बार नई सरकार ने आते ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘एंटी रोमियो स्क्वॉयड’ अभियान शुरू किया है।

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  • एंटी रोमियो दल की महिलाओं ने की प्रशंसा
  • अब स्कूल के बाहर सख्ती से दिखाई देता है दल

जिला मुख्यालय से 70 किमी. दूर रामसनेही घाट की ऊषा कुशवाहा (43 वर्ष) कहती हैं, “छात्राओं का स्कूल जाना मुश्किल हो गया था। आए दिन अश्लील कमेंट, छेड़छाड़ बलात्कार जैसी घटनाएं सुना करती थी, जिससे काफी डर जाती थी।

ऐसे में मैं अपनी बेटियों को जबतक स्कूल से घर नहीं आ जाती तो चिंता बनी रहती थी।” ऊषा आगे बताती हैं, “नई सरकार ने ‘एंटी रोमियो स्क्वॉयड’ अभियान शुरू किया है। अब मुझे काफी कम चिंता रहती है क्योंकि मेरी लड़कियों के स्कूल के बाहर अब एक भी लड़का नहीं दिखता है।” रामसनेही घाट के कोतवाल रामसरोज का कहना है, “हम लोग लगातार गाँव के स्कूल कालेज में निरीक्षण कर रहे हैं। माहिलाओं और छात्रों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

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