हाई मास्ट सोलर लाइटिंग से दूर हो रहा गाँवों का अंधेरा

हाई मास्ट सोलर लाइटिंग से दूर हो रहा गाँवों का अंधेराग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे स्थान जहां पर चहलकदमी ज़्यादा रहती हैं, वहां पर ‘यूपीनेडा’ सौर ऊर्जा चलित हाई मास्ट सोलर लाइटिंग संयंत्र लगवा रहा है।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। सीतापुर जिले में मिश्रिख ब्लॉक में नैमिषारण्य धाम के नारायण भक्ति पंथ आश्रम में तीन महीने पहले शाम होते ही अंधेरा हो जाता था। हाल ही में यूपीनेडा की तरफ से आश्रम के किनारे एक बड़ा सा सोलर लाइट संयंत्र लगवाया गया है। इसकी मदद से अब रात में भी आश्रम में उजाला रहता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे स्थान जहां पर चहलकदमी ज़्यादा रहती हैं, वहां पर उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) सौर ऊर्जा चलित हाई मास्ट सोलर लाइटिंग संयंत्र लगवा रहा है। ये लाइटें मुख्य रूप से ऐसे स्थानों पर लगाई गई हैं, जहां देर-सबेर लोगों का आना-जाना लगा रहता है। नारायण भक्ति पंथ आश्रम के प्रमुख आचार्य कमल श्री वैष्णव बताते हैं, ''अक्टूबर में आश्रम के किनारे चक्र तीर्थ पर तीन सोलर लाइटें लगवाई गई हैं। पहले यहां पर शाम होते ही अंधेरा हो जाता था, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी। अब इन लाइटों के कारण काफी प्रकाश होता है, जिससे सूरज ढलने के बाद यहां पर अंधेरा नहीं होता।

उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से हमें पिछले वर्ष 28,081 हाई मास्ट सोलर लाइट लगवाने का निर्देश मिला था, जिसमें अभी तक करीब 25,000 लाइटें लगाई जा चुकी हैं। बाकी की लाइटें जल्द ही लगा दी जाएंगी।
हरिनाम सिंह, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी, यूपीनेडा।

''ग्रामीण क्षेत्रों में चौपट विद्युत व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए यूपीनेडा ने गाँवों में हाई मास्ट सोलर लाइटिंग संयंत्र लगवाने के लिए जनता के ज़्यादा आवागमन वाले स्थानों (कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, बस स्टैंड, गाँव का मुख्य मार्ग या चौराहा, नलकूप, छोटे हाट स्थल, मेला स्थल, पशु बाज़ार, नलकूप, पंचायत घर व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को चुना है। इन संयंत्रों की मदद से अब रात के समय में भी इन विशेष स्थलों पर लगभग 25 से 30 मीटर क्षेत्र तक रोशनी बनी रहेगी।

गाँवों में लगाए जा रहे हाई मास्ट सोलर लाइटिंग संयंत्र के बारे में लखनऊ मंडल के क्षेत्रीय अभियंता अतुल श्रीवास्तव बताते हैं, ''प्रदेश सरकार ने वर्ष 2015 में प्रदेश से सभी जिलों में 45 हाई मास्ट लाइटें आवंटित करने का एलान किया था। लेकिन योजना संशोधित हुई और इसके बाद 38 लाइटें जिलों में भेजी गई हैं।”

हाई मास्ट सोलर लाइटिंग संयंत्र की ज़िम्मेदारी पांच वर्षों तक यूपीनेडा वहन करेगा। इसके बाद इन लाइटों की देखरेख का ज़िम्मा संबंधित ग्राम पंचायत का रहेगा।
अतुल श्रीवास्तव, क्षेत्रीय अभियंता, लखनऊ मंडल।

इन अधिकारियों की जिम्मेदारी

यूपीनेडा से मिली जानकारी के अनुसार सोलर मास्ट लाइटों के स्थल का चयन डीएम से निर्धारित स्थानों पर किया जाएगा। इन लाइटों को गाँवों में लगवाने की ज़िम्मेदारी में मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी और यूपीनेडा परियोजना अधिकारी पर होगी।

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