एक तो मजदूरी कम, दूसरे मिलती भी नहीं

एक तो मजदूरी कम, दूसरे मिलती भी नहींमजदूरों को जरूरत के हिसाब से नहीं मिलती मजदूरी।

बसंत कुमार ,स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। ‘मैं पढ़ा-लिखा नहीं हूँ। मुझे बारह घंटे काम करने के सिर्फ चार हज़ार रूपए मिलते हैं। हम ज्यादा की मांग करते हैं तो मालिक काम छोड़ कर जाने की बात करता है।’ यह कहना है मेरठ शहर में खेल का समान बनाने वाले इमरान का।

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उत्तर प्रदेश श्रम आयोग ने मंगलवार को प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी सितम्बर तक के लिए तय कर दिया है। अब प्रदेश में अकुशल मजदूरों को 7400, अर्धकुशल मजदूरों को लगभग 8200 और कुशल मजदूरों को 9200 रुपए महीने देने तय हुआ है। श्रम आयोग न्यूनतम मजदूरी छह महीने के लिए तय करता है। न्यूनतम मजदूरी आठ घंटे के लिए तय की जाती है। प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी इतनी कम होने के बावजूद मजदूरों को तय मजदूरी नहीं मिल पाती है।

प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद मजदूरों की उम्मीद थी कि न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि होगी, लेकिन न्यूनतम मजदूरी में मामूली वृद्धि हुई है। यूपी में अब तक अकुशल मजदूरों को 7000, अर्धकुशल मजदूरों को 7500 और कुशल मजदूरों को 8500 रुपए महीने देने का प्रावधान था। केजीएमयू के गार्ड का काम करने वाले नाम नहीं बताने की शर्त पर बताते हैं कि हमें आठ घंटे के सिर्फ 6300 रुपए मिलते हैं। यह न्यूनतम मजदूरी से भी कम है।

6300 रुपए में हम क्या कर सकते हैं? ओवर टाइम भी महीने में एक से दो ही मिल पता है। जहां तक मुझे जानकारी है, हमें वेतन न्यूनतम मजदूरी के बराबर ही मिलती है, लेकिन बीच में ठेकेदार खा जाते हैं। वहीं दैनिक अकुशल मजदूरों को 285, अर्धकुशल को 314 व कुशल मजदूरों को 350 रुपए मजदूरी दिया जाएगा।

शिकायत करें, होगी कार्रवाई

श्रम विभाग यूपी के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में इतना ज्यादा वृद्धि किया है, इसके पीछे का कारण हमें नहीं पता, लेकिन हम हर छह महीने में न्यूनतम मजदूरी में इजाफा करते हैं। अधिकारी ने बताया कि जिस व्यक्ति को न्यूनतम मजदूरी के हिसाब से पैसे नहीं मिल रहे वो लिखित शिकायत कर सकते हैं। विभाग तुरंत करवाई करेगा।

दिल्ली सरकार ने किया 37 फीसदी इजाफा

दिल्ली सरकार ने हाल ही में न्यूनमत मजदूरी में 37 प्रतिशत का इजाफा किया है। अब दिल्ली में अकुशल मज़दूरों को 9724 रुपए प्रति महीने की जगह 13,350 रुपये प्रति माह मिलेगा, अर्ध-कुशल मजदूरों की मजदूरी को 10,764 से बढ़ाकर 14,698 रुपए और और कुशल मजदूरों को 11,830 से बढ़ाकर 16,182 रुपये दिया जाएगा।

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