खून के बदले होता है हज़ारों रुपए का सौदा

खून के बदले होता है हज़ारों रुपए का सौदाबिना डोनर के ही दलाल बेचते हैं ब्लड यूनिट।

नवीन द्विवेदी, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

उन्नाव। जिला अस्पताल में खून बिक्री का खेल लंबे अर्से से चला आ रहा है। इस खेल में अस्पताल के ही कर्मचारी शामिल हैं। जरूरतमंद को आसानी से खून उपलब्ध हो सके इसके बदले उनसे रुपयों की मांग की जाती है। इसमें पहले तो बिना डोनर के ही ब्लड यूनिट उपलब्ध कराने की कोशिश की जाती है।

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इसके बाद अगर ऐसा नहीं हो पाता है तब पेड डोनर की मदद से एक यूनिट ब्लड उपलब्ध करा दिया जाता है। इन सबके बीच अस्पताल में सक्रिय दलाल जरूरतमंद से पांच हजार रुपए तक वसूल लेते हैं। शनिवार को इस खेल का खुलासा होने के बाद अब अस्पताल प्रशासन की सक्रियता पर सवाल उठने लगे हैं। उधर अस्पताल में ही तैनात एक सफाई कर्मचारी और रसेाईये का नाम सामने आने के बाद भी अभी तक अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में किसी भी तरह की जांच कराने और कार्रवाई करने का मन नहीं बनाया।

विवेकानंद यूथ लाइफ सेवर्स के सदस्य अनुराग सिंह ने शनिवार को खून बिक्री के खेल का खुलासा किया था। तीन दिन पहले ब्लड डोनेशन कैंप के बाद अनुराग शनिवार को डोनर कार्ड लेने ब्लड बैंक गए थे। उन्होंने अस्पताल के दो कर्मियों को एक तीमारदार को एक यूनिट ब्लड देने के बदले 420 रुपए का सौदा करते पकड़ा था। अनुराग के अनुसार एक पेड डोनर अस्पताल आया था। जिसे उन्होंने पकड़ लिया था। हालांकि बाद में वह मौके से भाग निकला।

अनुराग सिंह बताते हैं कि शनिवार को जिस खेल का खुलासा हुआ है वह लंबे समय से चला आ रहा है। बताया जा रहा है कि अस्पताल के ही कुछ कर्मी इस खेल में शामिल हैं और जिसके प्रमाण शनिवार को मिल गए थे। अनुराग सिंह ने शनिवार को ही मामले की शिकायत सीएमएस (चीफ़ मेडिकल सुपरिंटेन्डेंट) से कर दी थी।

बताया जा रहा है कि अस्पताल में तैनात एक सफाई कर्मचारी और रसोईया इस खेल को अंजाम दे रहे थे। वे ऐसे लोगों को ढूंढ़ते थे जिनको ब्लड की जरूरत होती थी और उनके पास डोनर नहीं होते थे। ऐसे लोगों को अपना शिकार बनाने के बाद वे उनका आर्थिक शोषण करते थे।

बिना डोनर के ही दलाल उपलब्ध करा रहें हैं ब्लड

जिला अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक से आपको रक्त तभी मिल सकता है जब आपके पास डोनर उपलब्ध हो। डोनर न होने की स्थिति में आपको आसानी से ब्लड यूनिट नहीं मिल सकती। इसके बावजूद अस्पताल में सक्रिय दलाल बिना डोनर के ही रक्त उपलब्ध करा रहे थे। माना जा रहा है कि दलालों ने ब्लड बैंक कर्मियों से भी सेटिंग कर रखी थी। इस संबध में सीएमएस डॉ एसपी चौधरी बताते हैं कि अभी ऐसे कोई प्रमाण नहीं मिले हैं और अभी तक उनके पास किसी तरह की शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलने के बाद ही वह पूरे मामले की जांच कराने के साथ ही कार्रवाई कराएंगे।

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