गहराते कोहरे से आलू किसान परेशान, सता रहा झुलसा रोग का डर

गहराते कोहरे से आलू किसान परेशान, सता रहा झुलसा रोग का डरखेत से खुदाई के बाद निकाला आलू।

रबीश कुमार (कम्यूनिटी जर्नलिस्ट) 28 वर्ष

फैजाबाद। कड़ाके की सर्दी व कोहरे से खेती पर भी व्यापक असर पड़ रहा है। दुमका व इसके आस-पास पड़ रहे अत्याधिक कोहरे के कारण आलू की फसल बर्बाद हो रही है।

अपने खेतों में आलू खराब होते देखकर किसान बेचैन हैं। इसी तरह कोहरा गिरता रहा तो यह आलू की फसल में झुलसा रोग पैदा कर सकता है। हालांकि, अभी तक इस रोग का प्रकोप ज्यादा नहीं है। मगर कोहरे के कारण किसानों को आलू में झुलसा रोग लगने का डर सता रहा है। अपनी आलू की फसल को देख चिंता में पड़े किसान राम वर्मा (43 वर्ष) ने बताया, "यह काफी चिंता की बात है। अभी तो काफी ठंड बची है। ऐसे में कोहरे ने अभी से ही नुकसान करना शुरू कर दिया है। जरूरी है कि इससे बचाव के उपाय शुरू किए जाएं नहीं तो हम किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।"

बता दें कि अगर झुलसा रोग लग गया तो किसानों को काफी नुकसान होगा। इस बार अच्छी पैदावार होने के चलते सभी को नुकसान का डर सता रहा है। फैजाबाद के अधिकतर किसान फसलों के बचाव के लिए तरह-तरह के कीटनाशकों का प्रयोग कर रहे हैं। इनमें मेनेकोबेग डायफेम एम 45 रेडीमेल आदि दवाईयां शामिल हैं। धौराहरा रूदौली फैजाबाद के जंग बहादुर (40 वर्ष) बताते हैं, "हमारे खेत में झुलसा रोग का धीरे-धीरे प्रकोप बढ़ रहा है। अगर ऐसे में कोहरा और ठंड बढ़ता रहा तो आलू को बहुत नुकसान होगा।"

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