प्रचार सामग्री छापने पर आयोग का पहरा

प्रचार सामग्री छापने पर आयोग का पहराप्रिंटिंग प्रेस मालिकों पर शिकंजा कसा

अजय मिश्र/मोहम्मद परवेज

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

कन्नौज। चुनाव आयोग ने आचार संहिता उल्लंघन रोकने के लिए प्रिंटिंग प्रेस मालिकों पर भी शिकंजा कसा है। आयोग का निर्देश है कि विधानसभा सामान्य निर्वाचन में जो भी प्रचार सामग्री प्रिंटिंग प्रेस मालिक छापेंगे उसका ब्योरा दें। साथ ही पंफ्लेट और पोस्टर पर अपना पता, नाम भी लिखना पड़ेगा। ऐसा न करने पर छह माह के लिए जेल हो सकती है।

जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अशोक चंद्र ने सभी प्रिंटिंग प्रेस मालिकों को नोटिस भी थमाया है। उन्होंने बताया कि धारा 127क का उद्धरण और प्रारूप क एवं ख भी नोटिस के साथ भेजा है। इसके हिसाब से प्रेस मालिकों को ब्योरा देना होगा।

विभिन्न राजनीतिक दलों, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की ओर से प्रचार पुस्तिका, पोस्टर, पंफ्लेट और पर्चे आदि छपाए जाते हैं। इसके लिए लोक प्रतिनिधित्वनियम अधिनियम1951 की धारा 127 क के तहत चुनाव के पंफ्लेट , पोस्टर को छपवाने के दौरान प्रेस मालिक अपना नाम और पता भी लिखेगा। इसके बिना प्रचार सामग्री नहीं छापी जाएगी। साथ ही उसके प्रकाशक के पहचान की घोषणा उसकी ओर से हस्ताक्षरित और दो व्यक्तियों की ओर से जिन्हें वह व्यक्तिगत रूप से जानता हो सत्यापित कर दो प्रतियों में उसके मुद्रक को दी जाएगी। दस्तावेज के मुद्रण के बाद तीन दिन के भीतर घोषणा की एक प्रति, दस्तावेज की चार प्रतियों समेत जिला मजिस्ट्रेट को भी भेजी जाएगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इन प्रावधानों का उल्लंघन करने पर छह महीने का कारावास या दो हजार रुपये का जुर्माना या दोनों ही सजा हो जा सकती हैं। जिले के करीब 62 लोगों को नोटिस जारी कर दिया गया है। आदेश का पालन कराने के लिए एसपी, सभी राजनीतिक दलों, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग आफिसर, सीओ, एडीईओ को भी पत्र लिखा गया है।

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