ग्रामीण महीलाओं और लड़कियों को दी जा रही साइबर क्राइम से बचने की ट्रेनिंग

ग्रामीण महीलाओं और लड़कियों को दी जा रही साइबर क्राइम से बचने की ट्रेनिंगवर्ष 2015 में करीब 11.3 करोड़ भारतीय साइबर क्राइम की शिकार हो गए और उन्हें 16,000 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा।

मोबिन अहमद - कम्यूनिटी जर्नलिस्ट

रायबरेली। किशोरियों को सुरक्षित रहने और सोशल मीडिया पर अपने बचाव के लिए जिला पुलिस विभाग के अधिकारी गाँव-गाँव जा कर लड़कियों को 1090 और साइबर क्राइम से बचने की ट्रेनिंग दे रहे हैं।

रायबरेली जिले के सदर क्षेत्र के बरखापुर गाँव में महिलाओं और किशोरियों को इन बातों के बारे में महिला पुलिस अधिकारी सोनी शुक्ला ट्रेनिंग दे रही हैं।

अब गाँवों में भी लड़कियां-लड़के सोशल साइटस पर अपडेट रहतें हैं। एकदूसरे से दोस्ती करते हैं, चैट करते हैं। लेकिन अनजान लोगो से दोस्ती रखना अनचाहें खतरें को बुलावा देना है,यह बात वो समझ नहीं पाते और किसी न किसी धोखा-धड़ी का शिकार हो जाते हैं।
सोनी शुक्ला, महिला पुलिस अधिकारी

इंटरनेट व कम्यूटर साफ्टवेयर सुरक्षा के बारे में जानकारी देनी वाली संस्था नोर्टन के मुताबिक वर्ष 2015 में करीब 11.3 करोड़ भारतीय साइबर क्राइम की शिकार हो गए और उन्हें 16,000 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा।

रायबरेली में जिला सर्विलांस व साइबर सेल की अधिकारी पूजा सिंह बताती हैं,'' लड़कियां यह जानते हुए कि इंटरनेट पर कोई उनका फायदा उठाना चाहता है, वो अंजान रहती हैं और चुपचाप उनसे दोस्ती जारी रखती हैं। लड़कियों को फेसबुक या किसी भी सोशल साइट पर अंजान व्यक्ति को एड नहीं करना चाहिए और अगर उन्हें कोई साइट पर परेशान करता है, तो तुरंत इसकी शिकायत 1090 पर करनी चाहिए।''

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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