बात पते की: सुकन्या समृद्धि योजना से बेटी का कल करें सुरक्षित

बात पते की: सुकन्या समृद्धि योजना से बेटी का कल करें सुरक्षितयोजना का उद्देश्य बेटियों की पढ़ाई और उनकी शादी पर आने वाले खर्च को आसानी से पूरा करना है।

लखनऊ। गोरखपुर में रहने वाली सविता सिंह (29 वर्ष) में बेसहारा हो गई है। पिछले वर्ष शादी के तीन साल बाद ही उनके पति की डेंगू से मौत हो गई। सविता की गोद में डेढ़ साल की बच्ची है लेकिन उसे कैसे पालना है कैसे आगे का खर्च चलेगा उसे समझ में नहीं आ रहा, क्योंकि जो बचत थी वो इलाज में खर्च हो गई और आगे के जीवन के लिए उन्होंने कोई योजना नहीं बनाई थी। न तो कोई मेडिक्लेम पॉलिसी थी और न ही जीवन बीमा।

सविता जैसे सैकड़ों मामले हमारे आसपास मिल जाएंगे। सरकारों ने ऐसी तमाम योजनाएं शुरू की है, जिससे सविता जैसी महिलाओं को फायदा हो लेकिन जानकारी के अभाव में उन तक योजना का लाभ नहीं पहुंच पाता। गाँव कनेक्शन हर हफ्ते आप तक एक ऐसी योजना को लाता है, जो आप के लिए लाभकारी है। इस हफ्ते आप को बता रहे हैं बच्चियों को लिए खासकर बनाई गई ‘सुकन्या समृद्धि अकाउंट योजना’ के बारे में। यह लघु बचत योजना बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का हिस्सा है।

भारत में गिरता लिंगानुपात हर वर्ग के लिए चिंता का विषय बन चुका है। महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत की है।

सुकन्या समृद्धि योजना का उद्देश्य बेटियों की पढ़ाई और उनकी शादी पर आने वाले खर्च को आसानी से पूरा करना है। योजना के अंतर्गत बेटी की पढ़ाई व शादी के लिए डाक विभाग के पास ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ का अकाउंट खुलवाया जा सकता है। डाक विभाग के किसी भी पोस्ट ऑफिस के साथ अकाउंट खोलने के लिए सुविधा सेंटर में भी अलग काउंटर खुलेगा। यहां जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा कराने के बाद अकाउंट खुलवाया जा सकेगा।

लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत की है।

योजना को ऐसे समझें

योजना के अंतर्गत 2017 कोई व्यक्ति 1,000 रुपए महीने से अकाउंट खोलता है तो उसे 14 साल तक यानी 2030 तक हर साल 12 हजार रुपए डालने होंगे। मौजूदा हिसाब से उसे हर साल 8.6 फीसदी ब्याज मिलता रहेगा तो जब बच्ची 21 साल की होगी तो उसे 6,07,128 रुपए मिलेंगे। गौर करने वाली बात यह है कि 14 सालों में पालक ने अकाउंट में कुल 1.68 लाख रुपए ही जमा करने पड़े। बाकी के 4,39,128 रुपए ब्याज के हैं। सुकन्या समृद्धि योजना का फार्म ऑनलाइन उपलब्ध है।

आवश्यक दस्तावेज़‍

  • बच्ची का जन्म प्रमाणपत्र
  • एड्रेस प्रूफ
  • आईडी प्रूफ

यह है योजना

  • सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट में बेटी के नाम से एक साल में 1 हजार से लेकर 1 लाख पचास हजार रुपए जमा कर सकता है।
  • यह पैसा अकाउंट खुलने के 14 साल तक ही जमा करवाना होगा और यह खाता बेटी के 21 साल की होने पर ही मैच्योर होगा।
  • योजना के नियमों के अंतर्गत बेटी के 18 साल के होने पर आधा पैसा निकलवा सकते हैं।
  • 21 साल के बाद खाता बंद हो जाएगा और पैसा पालक को मिल जाएगा।
  • अगर बेटी की 18 से 21 साल के बीच शादी हो जाती है तो अकांउट उसी वक्त बंद हो जाएगा।
  • अकाउंट में अगर पेमेंट लेट हुई तो सिर्फ 50 रुपए की पैनल्टी लगाई जाएगी।
  • पोस्ट ऑफिस के अलावा कई सरकारी व निजी बैंक भी इस योजना के तहत खाता खोल रही हैं।
  • सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खातों पर आयकर कानून की धारा 80-जी के तहत छूट दी जाएगी।
  • पालक अपनी दो बेटियों के लिए दो अकाउंट भी खोल सकते हैं।
  • जुड़वां होने पर उसका प्रूफ देकर ही पालक तीसरा खाता खोल सकेंगे। पालक खाते को कहीं भी ट्रांसफर करा सकेंगे।

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