मजदूरों की कमी से अंधेरे में रह गया गांव 

मजदूरों की कमी से अंधेरे में रह गया गांव दिये और लालटेन के सहारे चल रहा काम।

आकाश सिंह, स्वयं कम्यूनिटी जर्नलिस्ट

बाराबंकी। बाराबंकी के विकास खंड सिद्धौर की ग्राम पंचायत सेमरी के कई गांवों में विद्युतीकरण के बाद भी आज तक बिजली के बल्ब नहीं जल सके हैं। यहां तक की इन गांवों के कई लोगों ने बिजली के कनेक्शन भी ले रखें हैं।

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जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सेमरी ग्राम पंचायत के कामलाबाद, पहला, मलाही का पूर्वा गांवों के लोग आज के इस ज़माने में भी दिये और लालटेन के सहारे अपना जीवन यापन कर रहें हैं। कामलाबाद के निवासी रंजीत यादव का कहना है, “गांव में बिजली के खम्बे और तार लगे हुए हैं लेकिन विभाग द्वारा अभी तक बिजली सप्लाई नहीं दी गई है।” वहीं ग्राम सभा पहला के रहने वाले उमानाथ का कहना है, “गांव में ट्रांसफार्मर लगे होने के बावजूद भी बिजली सप्लाई नहीं दी जा रही है।”

साल 2013-14 में इन गांवों का चयन विद्युतीकरण के लिए विभाग द्वारा किया गया था। विकास खंड सिद्धौर के जेई जय शर्मा का कहना है, “इस समय लेबर न उपलब्ध होने की वजह से विद्युतीकरण का काम अधर में पड़ा है। जैसे ही लेबर उपलब्ध होंगे काम तुरन्त शुरू करा दिया जाएगा।”

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