स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनाने में अधिकारी कर रहे वसूली

स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनाने में अधिकारी कर रहे वसूलीgaonconnection

बागपत। नौकरी पाने के लिए दिन-रात जद्दोजहद करने के बाद और दूसरे जनपदों मे चक्कर लगाकर परीक्षा पास करने वालों से स्वास्थ्य विभाग धड्ल्ले से अवैध वसूली कर रहा है। स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनाने की ऐवज मे विभागीय अधिकारी हर अभ्यर्थी से एक हजार रुपए प्रमाण पत्र बनाने की फीस बताकर वसूल रहे हैं। अगर कोई अभ्यर्थी ज्यादा पूछताछ करता है तो उसे प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लंबा-चौड़ा रास्ता बताकर टरका दिया जाता है। थक हारकर अभ्यर्थी वापस रुपए देकर स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाने को मजबूर हो जाता है। ये खेल सीएमओ की नाक की नीचे चल  रहा है।

बेरोजगारी की मार से जूझ रहे युवा नौकरी पाने के लिए दिन-रात भागदौड़ और मेहनत कर रहे हैं। नौकरी पाने के लिए प्रतियोगी परीक्षा पास करने के लिए दूसरे जनपदों मे रहकर पढ़ाई करनी पड़ती है। किसी तरह प्रतियोगी परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थियों को प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय मे जाकर कागजों का सत्यापन कराना होता है। इसी क्रम मे अभ्यर्थियों से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी मांगा जाता है। स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवने की प्रक्रिया अगर वैसे देखी जाए तो सरल है, लेकिन स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनाने की ऐवज मे स्वास्थ्य विभाग मे अवैध वसूली की जा रही है।

सीएमओ कार्यालय और जिला अस्पताल मे प्रतिदिन भारी संख्या मे प्रतियोगी परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थी अपना स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं, जिनसे अवैध वसूली की जा रही है। प्रमाण पत्र बनाने के लिए एक हजार रुपए की फीस भी तय है। जो फार्म जमा करते समय ही ले ली जाती है। अगर कोई अभ्यर्थी प्रमाण पत्र बनाने की ऐवज मे लिए जा रहे एक हजार रुपए देने मे आनाकानी करता है तो उसे प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लंबा-चौड़ा रास्ता बताकर टरका दिया जाता है। जिसके बाद अभ्यर्थी चक्कर लगाने के बाद वापस एक हजार रुपए देने के लिए तैयार हो जाता है। सीएमओ कार्यालय और जिला अस्पताल मे तैनात कर्मचारी इस गोरखधंधे को करने मे जुटे हुए हैं। 

मजबूरी मे रुपए देते हैं अभ्यर्थी

सीएमओ कार्यालय और जिला अस्पताल मे नौकरी के कागज तैयार कराने के लिए पहुंचने वाले अभ्यर्थी स्वास्थ्य विभाग के किसी भी कर्मचारी से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाने के बारे मे पूछताछ करता है तो उसे इसके बारे मे कोई जानकारी नहीं दी जाती कि किस तरह यह प्रमाण पत्र बनेगा। अगर कोई बताता है तो सीधा रुपए लेकर प्रमाण पत्र बनाने वाले बाबू के बारे मे जानकारी देता है।

रिपोर्टर- सचिन त्यागी 

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