सौर ऊर्जा के उपयोग में यूपी में बनाया रिकार्ड, जल्द ही हर स्कूल और अस्पताल की छतों पर पैदा की जाएगी बिजली

सौर ऊर्जा के उपयोग में यूपी में बनाया रिकार्ड, जल्द ही हर स्कूल और अस्पताल की छतों पर पैदा की जाएगी बिजलीसौर्य उर्जा का यूपी बढ़ रहा है दायरा।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। प्रदेश में सौर ऊर्जा उत्पादन और वितरण पर काम कर रही सरकारी संस्था उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) ने सौर ऊर्जा उत्पादन में नया कीर्तिमान बनाया है। प्रदेश में इस वर्ष रूफ टॉप सोलर पावर पॉलिसी के अंतर्गत निर्धारित किए गए लक्ष्य 20 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की तुलना में करीब दोगुना ऊर्जा उत्पादन की बढ़ोत्तरी हुई है।

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लखनऊ के गोमतीनगर में बने आईआईए भवन में हुए राष्ट्रीय सोलर कॉनक्लेव में यूपीनेडा की निदेशक संगीता सिंह ने बताया, ‘’हमें यह बताते हुए बहुत गर्व हो रहा है कि हमने सोलर पावर पॉलिसी को मजबूती देते हुए अपनी महत्वाकांक्षी रूफ टॉप सोलर पावर पॉलिसी में लक्ष्य से कहीं अधिक सौर ऊर्जा का उत्पादन किया है। ये यूपीनेडा सहित प्रदेश के लिए गर्व की बात है।’’

भारत में सोलर पावर मिशन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2011 में चलाए गए जवाहरलाल नेहरू नेशनल सोलर मिशन के तहत वर्ष 2022 तक देश में 20,000 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था। मिशन के अंतर्गत नवंबर 2014 तक लगभग 2,970 मेगावाट बिजली का उत्पादन सोलर ऊर्जा से हुआ है। प्रदेश में सौर ऊर्जा क्षमता को बढ़ावा देने के लिए रूफ टॉप सोलर पावर पॉलिसी के अंतर्गत अप्रैल 2017 तक 20 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन लक्ष्य रखा था, जिसमें प्रदेश में जल्द ही लगाए गए बुंदेलखंड, सैफई और लखनऊ प्लांट की मदद से सौर ऊर्जा उत्पादन 36 मेगावाट पहुंच गया है।

हम जल्द ही प्रदेश में कन्सेंट्रेटिंग सोलर हीट टेक्नोलॉजी (सीएसटी) पर आधारित प्लांट का निर्माण करने जा रहे हैं। इससे बड़ी मात्रा में स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों तक पर्याप्त बिजली व भोजन व्यवस्था में इस्तेमाल होने के बिजली पैदा कर सकेंगे।
संगीता सिंह, निदेशक यूपीनेडा

प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों में लगाए गए नए सौर ऊर्जा उत्पादन प्लांटों के बारे में बताते हुए यूपीनेडा की वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी नर्मता कालरा ने बताया,कि विभाग ने सौर ऊर्जा पीवी क्षेत्र में बुंदेलखंड में जो काम किया है, वो बेहद सराहनीय है। इसके अलावा हमने सैफई के आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश (400 किलोवाट क्षमता), केजीएमयू (400 किलोवाट क्षमता), राम मनोहर लोहिया संस्थान में (400 किलोवाट क्षमता) और पीटीसी लॉ कालेज (750 किलोवाट क्षमता) के नए सोलर रूफ टॉप पावर प्लांट लगवाए हैं, जिसकी मदद से हम लक्ष्य से बेहतर कर पाए हैं।

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