थानों में कार्यशैली सुधारें पुलिसकर्मी: डीजीपी

थानों में कार्यशैली सुधारें पुलिसकर्मी: डीजीपीगाँव कनेक्शन

लखनऊ। पुलिस महानिदेशक ने प्रदेश के सभी पुलिसजनों को नव वर्ष का संदेश देने के साथ-साथ थानों में कार्यशैली सुधारने की हिदायत दी। उन्होंने कहा, ‘‘जब तक हमारे थानों की कार्यशैली में सुधार नहीं होगा तब तक हम आदर्श पुलिसिंग को हकीकत में नहीं बदल सकते। हमें सबसे पहले थानों पर आम आदमी के साथ होने वाले बर्ताव को बदलना है। विनम्रता के बिना किसी भी प्रकार की पुलिसिंग संभव नहीं है।’’

डीजीपी जावीद अहमद ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस चुनौतियों के नितान्त नये प्रकारों से जूझ रही हैं। एक ओर पर परागत प्रकृति के सामाजिक अपराधों से पुलिस को जूझना है, वहीं दूसरी ओर साइबर क्राइम, आपदा प्रबंधन और आतंकवाद जनित आन्तरिक सुरक्षा के मुद्दे हमारे लिए गंभीर चिन्ता के विषय हैं। वर्तमान समय सूचना प्रौद्योगिकी का युग है। मीडिया खास तौर से सोशल मीडिया के निर्बाध उपयोग से जहां एक ओर सूचनाओं की खुली आवाजाही हो रही है, वहीं व्हाट्स एप, फेसबुक के दुरुपयोग इत्यादि से सांप्रदायिक ताने बाने को भी असामाजिक तत्वों द्वारा बिगाडऩे के प्रयास किये जाते हैं। 

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि मेरा यह मानना है कि जनता के बीच हमारी विश्वसनीयता ऐसी चीज है, जिस पर हमारी पूरी कार्य प्रणाली आधारित है। थाने पर आने वाले हर जरूरतमंद की पीड़ा को धैर्य और विनम्रता से सुनना हमारा पहला कर्तव्य है और यहीं से हमारी विश्वसनीयता की शुरुआत होती है। अपराधों की विवेचना में निष्पक्षता हमारा मूलमंत्र होना चाहिए। बदलते हुए समय के साथ होने वाले तकनीकी प्राविधियों का हमें विवेचना में प्रयोग करना होगा, तभी हम दोषियों को सजा दिलाने में सफल हो सकेंगे। अपराधों का पंजीकरण न करना समाज में हमें अलोकप्रिय बनाता है। इससे जनता के बीच हमारी साख गिरती है। एफआईआर दर्ज किए बिना हम अपराधियों को किस प्रकार दण्डित करेंगे, यह मेरी समझ के बाहर है। अपराधों का शत-प्रतिशत पंजीकरण अपराध निवारण का सबसे बड़ा सूत्र है। 

संदिग्ध वर्दीधारियों को करूंगा बेनकाब

डीजीपी ने बताया, ‘‘पुलिस सेवा में रहते हुए मैं एक और निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि हमारे पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में ऐसे अधिकारी और कर्मी मौजूद हैं, जिन्होंने अपनी ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता से पुलिस की शान बढ़ाई है। उनका पूरा सेवाकाल उनकी सेवापुस्तिका के हर पन्ने पर उत्कृष्ट शब्द से अंकित है लेकिन यह भी स्वीकारना होगा कि हमारे बीच में कुछ ऐसे वर्दीधारी भी मौजूद हैं, जिनकी संदिग्ध निष्ठाओं और अशुचितापूर्ण कृत्यों से हम सबको शर्मिन्दा होना पड़ता है। पुलिस महानिदेशक के रूप में मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि किसी भी रैंक में सम्मिलितस ऐसे तत्वों को बेनकाब किया जाये।

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