2121 मुर्दे भी पा रहे हैं समाज कल्याण विभाग से वृद्धावस्था पेंशन

2121	मुर्दे भी पा रहे हैं समाज कल्याण विभाग से वृद्धावस्था पेंशनप्रतीकात्मक फोटो: साभार इंटरनेट

नीतीश तोमर, गाँव कनेक्शन

पीलीभीत। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि पीलीभीत का समाज कल्याण विभाग वृद्धों के साथ-साथ मुर्दों पर भी मेहरबान है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में वृद्धावस्था पेंशन लेने वाले 33,793 लोग थे। इनमें जांच के बाद मई-जून के माह में सत्यापन के दौरान विभाग को यह जानकारी में आया था कि 2121 ऐसे पेंशनर हैं, जो दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। इन मृतकों के परिवार के लोग इस पेंशन का आनंद उठा रहे थे।

वृद्धावस्था की सीमा में नहीं आने वाले 144 पेंशनधारी

सरकार की ओर से वृद्धावस्था पेंशन 400 रुपए लाभार्थी के हिसाब से उनके खातों में भेजी जाती है। जांच के दौरान यह भी तथ्य सामने आया कि 144 ऐसे पेंशनधारी मिले हैं, जो वृद्धावस्था की सीमा में ही नहीं आते थे। इस बात की जानकारी विभाग को जून माह में ही लग गई थी, लेकिन विभाग लगातार अपनी कमी को दबाने का प्रयास करता रहा।

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फर्जीवाड़ा आता है सामने

समाज कल्याण विभाग द्वारा अधिकतर पेंशन योजनाओं में इसी तरह का फर्जीवाड़ा देखने में आता है। जो पेंशन के असली हकदार हैं, उनको सरकार की योजना का लाभ नहीं मिल पाता और जो पेंशन पाने के हकदार भी नहीं है, वह विभाग से सांठगांठ करके सरकार की पेंशन योजना का लाभ उठा रहे हैं।

अब 1405 लाभार्थी नए

इस पेंशन फर्जीवाड़े में बाद में समाज कल्याण अधिकारी राजेश वर्मा ने जांच बैठाकर तत्काल ऐसे लाभार्थियों की पेंशन पर रोक लगा दी है, जो सत्यापन के दौरान मृत पाए गए थे। चालू वर्ष में मात्र 32,933 लाभार्थियों को ही वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिल रहा है, जिसमें से 1405 लाभार्थी नए हैं।

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लापरवाही की जांच जारी

इस बारे में जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश वर्मा से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि "नियमित चेकिंग के दौरान 2121 मृतक व्यक्तियों और 144 अपात्रों के नाम सामने आए थे, जो वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले रहे थे। तत्काल प्रभाव से मृतकों का पात्रों के नाम पेंशन सूची से हटा दिए गए हैं। यह लापरवाही किस स्थान पर हुई है, इसकी जांच की जा रही है।"

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