पाठ्यक्रम की किताब बन गई सोशल मीडिया में चर्चा का विषय

Meenal TingalMeenal Tingal   15 April 2017 1:41 PM GMT

पाठ्यक्रम की किताब बन गई सोशल मीडिया में चर्चा का विषयमहिला शरीर के आकार के बारे में जानकारी दिया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। सीबीएसई बोर्ड से सम्बद्ध स्कूलों में कक्षा 12 में ‘हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन’ शीर्षक वाली किताब के पाठ ‘फिजियोलॉजी एंड स्पोर्ट्स’ के एक अंश में महिला शरीर के आकार के बारे में जानकारी दिया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। वह भी तब जब इन दिनों सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड से सम्बद्ध स्कूलों में सेक्स एजुकेशन देना आम बात है।

डॉ. वीके शर्मा की लिखी और दिल्ली स्थित न्यू सरस्वती हाउस प्रकाशन की इस किताब के एक अंश में महिलाओं के शरीर के आकार के बारे में छात्रों को जानकारी दी गई है। यह भी कहा गया है कि मिस वर्ल्ड या मिस यूनिवर्स प्रतियोगिताओं में इस तरह के शरीर के आकार का ध्यान भी रखा जाता है। इस विषय में सभी के अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं।

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मनोरोग चिकित्सक डॉ. शाजिया सिद्दीकी कहती हैं, “आज के दौर में बच्चों को सेक्स एजुकेशन दी जाती है तो यह बताने में क्या बुराई है। जिस तरह से शरीर के बाकी अंगों के बारे में बताया जाता है, उसी तरह से यह भी है। शरीर में कितनी शुगर, कैल्शियम और हीमोग्लोबिन जैसी चीजों की सामान्य वैल्यू क्या है, उसी तरह से यह बताना भी गलत नहीं है। बच्चों को यह बात कहीं न कहीं से तो मालूम पड़ेगी ही यदि किताब के जरिये स्कूल में पता चले तो कोई बुराई नहीं है।”

इस मुद्दे पर सोशल मीडिया में बहस जारी है। ट्विटर पर कई यूजर्स ने इसको गलत बताया है और प्रकाशक से इस सामग्री को वापस लेने और स्कूलों के पाठ्यक्रम से यह किताब हटाये जाने की सिफारिश की है। कालीचरण इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य, डॉ. महेन्द्र नाथ राय कहते हैं, “समाज कहां से कहां जा रहा है और लोग इस तरह की बात कर रहे हैं। आज के दौर में पढ़ाई और उसमें छुपे उद्देश्य को ध्यान में रखना चाहिये, बाकी चीजों को नहीं।”

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