शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार रोकें मुख्यमंत्री

Meenal TingalMeenal Tingal   3 April 2017 4:55 PM GMT

शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार रोकें मुख्यमंत्रीशिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने होंगे सूबे के मुख्मंत्री को।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी अब शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाएं। शिक्षा के क्षेत्र में कितना और किस हद तक भ्रष्टाचार फैला हुआ है इस बात की जानकारी भी मुख्यमंत्री को होनी चाहिए और इस पर जल्द ही लगाम लगनी चाहिए क्योंकि यह मुद्दा सीधे तौर से हर वर्ग के लोगों से जुड़ा हुआ है।

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शिक्षा विभाग में फैला भ्रष्टाचार अब अपने चरम पर पहुंच चुका है और यह सब हो रहा है शिक्षाधिकारियों की मिलीभगत से। हजारों करोड़ के नकल उद्योग, नियुक्ति उद्योग एवं स्थानान्तरण उद्योग स्थापित हो गये हैं, जिसकी शुरुआत बसपा सरकार में हुई और सपा सरकार में अपने चरम पर पहुंच चुकी है।
डॉ. आरपी मिश्र, प्रदेशीय मंत्री, माध्यमिक शिक्षक संघ

माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री डॉ. आरपी मिश्र ने बताया, “शिक्षा विभाग में फैला भ्रष्टाचार अब अपने चरम पर पहुंच चुका है और यह सब हो रहा है शिक्षाधिकारियों की मिलीभगत से। हजारों करोड़ के नकल उद्योग, नियुक्ति उद्योग एवं स्थानान्तरण उद्योग स्थापित हो गये हैं, जिसकी शुरुआत बसपा सरकार में हुई और सपा सरकार में अपने चरम पर पहुंच चुकी है।

शासन और सत्ता के शीर्ष पर बैठे अधिकारियों की छत्रछाया में लखनऊ में स्थापित ये उद्योग एक हजार करोड़ की सीमा पार कर गये, जिसका 80 फीसदी हिस्सा शासन और सत्ता के शीर्ष तक पहुंचता रहा है।” वह आगे कहते हैं, “इस प्रदेशव्यापी भ्रष्टाचार के लिए शासन में शीर्ष पर बैठे अधिकारी ही जिम्मेदार हैं जो करोड़ों रुपए की वसूली करके भ्रष्टतम अधिकारियों को जनपद में तैनात कर भ्रष्टाचार का खुला लाइसेंस दे देते हैं।”

मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित करने के लिए प्रदेश में तीन अप्रैल से आठ अप्रैल तक “भ्रष्टाचार मिटाओ-शिक्षा भवन बचाओ” सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री को प्रति दिन भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों से पत्र लिखकर अवगत करवाया जायेगा। कार्रवाई न होने पर शिक्षक संघ ने आन्दोलन की बात कही है।

काल्विन ताल्लुकेदार्स इंटर कॉलेज के शिक्षक एसकेएस राठौर ने कहा, “इस सप्ताह के अन्तर्गत प्रतिदिन शिक्षा विभाग के विभिन्न क्षेत्रों में व्याप्त भ्रष्टाचार को सार्वजनिक कर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा एवं मुख्यमंत्री को संज्ञानित कराया जायेगा। शिक्षक संघ के जिला मंत्री अनुराग मिश्र ने कहा, “शिक्षा में भ्रष्टाचार को रोकना बेहद जरूरी है। हाल यह रहा कि नान डिस्टर्बेन्स अलाउंस के रूप में तीस से चालीस लाख रुपए लेकर भ्रष्ट अधिकारियों को बिना डिस्टर्ब किये उसी स्थान पर बने रहकर घूसखोरी की खुली छूट दी गई।”

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