17वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू, सदन चलाने के लिए स्पीकर ने मांगा सभी दलों से सहयोग

17वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू, सदन चलाने के लिए स्पीकर ने मांगा सभी दलों से सहयोगसत्र से पहले बैठक में भाग लेते स्पीकर संग योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 17वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इस सत्र की तैयारियों और सदन को सुचारू रूप से चलाने को लेकर विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं के साथ बैठक की।

उन्होंने इस बैठक में 17वीं विधानसभा के प्रथम सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने में सभी दलों से सहयोग करने को कहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि तार्किक और गुणात्मक बहस से ही प्रदेश की जनता को लाभ पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण को पूरा सुनने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे राज्य सरकार की ओर से किए जाने वाले कामों की पूरी जानकारी मिलती है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री और नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी पार्टी विधानसभा में रचनात्मक बहस को बढ़ावा देने के लिए पूरा सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश की विधानसभा को देश का सबसे बड़ा सदन बताते हुए कहा कि संवाद स्थापित करके ही जन-समस्याओं का प्रभावी समाधान कराया जा सकता है।

सत्र को 90 दिन तक चलाया जाए

उन्होंने संसद की तर्ज पर विधानसभा के सत्र को 90 दिन चलाने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे प्रदेश की अनेक समस्याओं को सरकार के संज्ञान में लाने और उनका उचित निराकरण कराने में मदद मिल सकती है। उन्होंने सभी दलों से सकारात्मक दृष्टिकोण रखने की अपील करते हुए कहा कि इससे अधिक से अधिक लोक-कल्याण किया जा सकता है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सदन को सुचारू रूप से पक्ष व विपक्ष के सहयोग से ही चलाया जा सकता है।


बैठक में सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी और पिछड़ा वर्ग कल्याण व विकलांग जन विकास मंत्री ओम प्रकाश राजभर, बहुजन समाज पार्टी के लालजी वर्मा, कांग्रेस पार्टी के अजय कुमार ‘लल्लू’ और अपना दल के नील रतन सिंह पटेल ‘नीलू’ ने अपने-अपने दलों की ओर से पूरा सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

First Published: 2017-05-14 20:59:36.0

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