मुस्लिम धर्मगुरु ने कहा, मुस्लिम योग कर सकते हैं बशर्ते...

मुस्लिम धर्मगुरु  ने कहा, मुस्लिम योग कर सकते हैं बशर्ते...व्वाद ने कहा कि मुस्लिमों को भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में हिस्सा लेना चाहिए।

लखनऊ। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य तथा प्रमुख शिया मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने गुरुवार को लखनऊ में एक प्राइवेट इंग्लिश न्यूज़ वेबसाइट से कहा कि मुस्लिमों को भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में हिस्सा लेना चाहिए, लेकिन उन्हें इस बात का ध्यान रहे कि योग का ‘पूजा’ से कोई ताल्लुक न हो। मौलाना ने कहा कि योग करना सेहत के लिए अच्छा है और इसे प्रतिदन करना चाहिए।

मौलाना कल्बे जव्वाद से जब यह पूछा गया क्या वे भी इस आयोजन में हिस्सा लेंगें ? तो उन्होंने कहा कि “मैं इस बारे में सोच रहा हूँ और अगर इस आयोजन में मुझे आमंत्रित किया गया तो मैं जरूर सोचूंगा।”

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है। लखनऊ में इस बार लगभग 300 मुस्लिम पुरूष और महिलाओं के साथ-साथ 55,000 लोग हिस्सा ले सकते है। यह आयोजन रमाबाई अम्बेडकर मैदान में होगा जिसमें देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे।

गौरतलब है कि योग दिवस के दिन आयोजित होने वाले समारोह का गृहमंत्री राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने 14 मई को जायज़ा लिया था। कार्यक्रम के दौरान मैदान में चारों तरफ एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगीं, ताकि आयोजन के दौरान सभी लोग एक साथ योग कर सकें।

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इस वर्ष आयुष मंत्रालय ने लखनऊ को योग दिवस के लिए देश का मुख्य आयोजन स्थल घोषित किया है। इसके साथ-साथ भोपाल, जयपुर, अहमदाबाद, रांची और बेंगलुरू भी मुख्य शहर हैं, जहां योग दिवस बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा।

“अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस” के रूप में मनाए जाने के नरेन्द्र मोदी के आह्वान को संयुक्त राष्ट्र में जबर्दस्त समर्थन प्राप्त हुआ था। पहली बार विश्व भर के 177 देशों ने एकजुट होकर 21 जून को “अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस” के रूप में मनाए जाने का संकल्प संयुक्त राष्ट्र में पारित किया है । पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को दिल्ली के राजपथ पर आयोजित किया गया था, जिसमें 190 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया था |

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