निजी स्कूलों पर डीआईओएस की छापेमारी से मचा हडकंप

निजी स्कूलों पर डीआईओएस की छापेमारी से मचा हडकंपडीआईओएस ने एक्जॉन स्कूल व राजकुमार अकादमी में छापा मारा।

मीनल टिंगल, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। निजी स्कूलों पर लगाम कसने के क्रम में सोमवार को डीआईओएस उमेश कुमार त्रिपाठी ने बाजार खाला स्थित एक्जॉन स्कूल व हजरतगंज स्थित राजकुमार अकादमी में छापा मारा। सिटीजन चार्टर लागू होते ही कई अभिभावकों ने एक्सॉन मॉन्टेसरी स्कूल राजकुमार अकादमी के खिलाफ से शिकायत की थी। शिकायत के बाद स्कूलों में छापा मारा गया और गोदाम में किताब-कापियां पाये जाने के बाद गोदाम को सील कर दिया गया। साथ ही दोनों स्कूलों के खिलाफ एफआईआर के आदेश भी दिये हैं।

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निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए पिछले कई दिनों से शहर में चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए डीआईओएस ने ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई की। स्कूलों की मनमानी के खिलाफ लिखित शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर लिखवाई जाएगी। साथ ही निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए सिटीजन चार्टर लागू किया गया है। इसके लिए 25 टीमें बनायी गयी हैं। जो स्कूलों में छापा मारकर मनमानियों पर पाबंदी लगाएंगी।

कक्षा आठ में सेवंथ डे स्कूल में पढ़ने वाले एक बच्चे की मां आमरीन कहती हैं, “मेरे बच्चे की फीस के रूप में चौदह हजार रुपए जमा करने का दबाव स्कूल द्वारा बनाया जा रहा है। मैं इतनी समर्थ नहीं हूं कि इतनी फीस दे सकूं। मैंने फीस में छूट देने के लिए मंत्री रीता बहुगुणा जोशी से निवेदन किया था, जिसके बाद फीस कम करने के सम्बन्ध में एक पत्र दिया था। इस पत्र को स्कूल प्रशासन को दिखाने के बावजूद फीस में छूट देने से मना कर दिया गया। इस बात की शिकायत डीआईओएस से की है, जिस पर उन्होंने कार्रवाई करने की बात कही है।”

निजी स्कूलों के प्रबंधक खुद को जनसेवक कहते हैं, लेकिन काम इसके विपरीत करते हैं। कक्षा में छात्रों की संख्या से टीचर के वेतन और मेंटीनेंस खर्च के योग को विभाजित करके जो भी आंकड़ा आएगा वही स्कूल की प्रति छात्र फीस निर्धारित की जाएगी।
उमेश कुमार त्रिपाठी, डीआईओएस

व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़े जा रहे हैं स्कूल

निजी स्कूलों पर लगाम कसने के तहत स्कूलों को व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ा जा रहा है। शहर में कुल 51 राजकीय, 101 सहायता प्राप्त माध्यमिक, 611 वित्तविहीन मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन सभी को व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ा जाएगा। अभी राजकीय व सहायता प्राप्त स्कूलों का एक ग्रुप और वित्तविहीन के तीन ग्रुप बनाये गये हैं। आईसीएसई व सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों का भी ग्रुप बनेगा। साथ ही मदरसा बोर्ड और संस्कृत शिक्षा परिषद से संचालित सभी विद्यालयों के अलग-अलग ग्रुप बनाये जा रहे हैं। इन सभी ग्रुपों को जिला प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग एवं शासन के शैक्षिक प्रशासन से जोड़ा जा रहा है।

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