Top

यूपी में अब नदियों और नालों को पुनर्जीवित किया जाएगा

यूपी में अब नदियों और नालों को पुनर्जीवित किया जाएगायूपी में अब नदियों और नालों को पुर्नजीवित किया जायेगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि मृत नदियों और नालों को पुर्नजीवित किया जाये। ताकि अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई एवं जानवरों को पीने का पानी उपलब्ध कराया जा सके। सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि जल प्लावन को रोककर किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सके। जिससे कि किसानों की उत्पादकता में वृद्धि हो।

सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बृहस्पतिवार को अपने कार्यालय कक्ष में जनपद पीलीभीत एवं लखीमपुरखीरी के बाढ़ से प्रभावित और कटान होने वाले क्षेत्रों के विधायकों के साथ बैठक करके स्थिति का जायजा लिया। सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी अधिकारी बाढ़ से प्रभावित और कटान वाले क्षेत्रों में मौके पर जाकर निरीक्षण करें। समस्याओं के समाधान के लिए कार्ययोजना बनाकर अतिशीघ्र उपलब्ध करायें। अधिक से अधिक सिचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने कहा कि हर-हाल में बाढ़ प्लावन को रोककर खेती की पैदावार बढ़ायी जाए।

देश-दुनिया से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एप

जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर अधिकारियों को निर्देश दिया कि शारदा नदी के कहर से बचाव का तरीका अभी से निकाल लिया जाये। जहां भी आवश्यकता हो तटबंधों की मरम्मत एवं नहरों की सिल्ट सफाई समय रहते सुनिश्चित किया जाये। श्री सिंह ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर नहरों में बांध बनाकर पानी पर अतिक्रमण कोई भी व्यक्ति न कर पाये। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति ऐसी हरकत करता है तो उसके विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई की जाये।

बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ आने से पहले संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही प्रारम्भ करा दी जाए। प्रमुख सचिव सिंचाई सुरेश चन्द्रा ने मुख्य अभियन्ता को निर्देश दिया कि शारदा सागर नहर पर अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही न करने वाले दो सींचपालों को तत्काल निलंबित कर दें।बैठक में मंत्री ओम प्रकाश राजभर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी आदि के स्थानीय विधायक एवं सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियन्ता, मुख्य अभियन्ता उपस्थित आदि थे।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Next Story

More Stories


© 2019 All rights reserved.