गांव कनेक्शन के छठवें स्थापना दिवस पर दो दिसंबर को भव्य मेले का आयोजन

मेले में ग्रामीणों को उन्नत खेती, पशुपालन के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां और सुझाव दिए जाएंगे। इसके साथ ही युवाओं और छात्र-छात्राओं के लिए पढ़ाई लिखाई और रोजगार-नौकरी को लेकर विशेष सत्र होंगे।

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लखनऊ। ग्रामीण मुद्दे, खेती किसानी, महिलाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों के साथ ही सरोकार की पत्रकारिता करने वाला आपका गांव कनेक्शन छह साल का हो रहा है। हमारे अथक प्रयासों और आपके प्यार की बदौलत गांव कनेक्शन आज ग्रामीण भारत का सबसे बड़ा मीडिया प्लेटफार्म है।

दो दिसंबर 2018 को लखनऊ जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर के कुनौरा गांव में स्थित गांव कनेक्शन के हेडक्वार्टर- भारतीय ग्रामीण विद्यालय कुनौरा में मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में ग्रामीणों को उन्नत खेती, पशुपालन के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां और सुझाव दिए जाएंगे। इसके साथ ही युवाओं और छात्र-छात्राओं के लिए पढ़ाई लिखाई और रोजगार-नौकरी को लेकर विशेष सत्र होंगे।

गांव कनेक्शन की हेड ऑफ ऑपरेशन यामिनी त्रिपाठी ने बताया, "गांवों में सबसे ज्यादा जरुरत जानकारी है। ग्रामीणों को ये पता ही नहीं होता उनके उनके लिए योजनाएं कौन सी हैं। कैसे वो अपने अधिकार का लाभ उठाएं, इसीलिए गांव कनेक्शन की कोशिश रहती है, कुछ ऐसा हो जो लोगों के सरोकार का हो। गांव कनेक्शन मेला 2018 इसी की एक कड़ी है।"


उन्होंने आगे बताया कि "जहां कनेक्शन का हेडक्वाटर है वो इलाका भी पिछड़ा हुआ है। इसलिए हम वहां शहर के सबसे अच्छे डॉक्टर और करियर काउंसलर लेकर जा रहे हैं। खेती और पशु पालन से जुड़े अधिकारी होंगे तो कई कृषि वैज्ञानिक और जानकार लोगों से रुबरू होंगे। मेले में करीब 5000 ग्रामीणों के आने का अनुमान है।'

कृषि और पशुपालन

मेले में खेती किसानी से जुड़े कई विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, प्रगतिशील किसान, जैविक खेती करने वाले किसान अपनी स्टॉल लगाएंगे। इस दौरान किसानों को जहां सरकार द्वारा चलाई जाने वाली विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी, वहीं केवीके के वैज्ञानिक किसानों को उन्नत तरीकों से खेती करना सिखाएंगे। जबकि उत्तर प्रदेश के पशुपालन विभाग द्वारा विशेष तौर पर पशुओं के लिए स्वास्थ्य कैंप और टीकाकरण किया जाएगा। मौके पर मत्स्य पालकों के लिए पंजीकरण, कृत्रिम गर्भाधान, कृमिनाशक दवाएं दी जाएगी।

स्वास्थ्य शिविर

गांव कनेक्शन मेले में अलग-अलग चिकित्सक और अस्पतालों के शिविर लगाएं जाएंगे। जिनमें कैंसर, आंख, दांत, हड्डी, त्वचा, महिला रोगों से संबंधित जांच और सलाह दी जाएगी। मेले में गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी होगा। ग्रामीण बच्चों में बढ़ते कुपोषण को देखते हुए बाल रोग विशेषज्ञ जांच के साथ ही बच्चों के माता-पिता को पोषण के लिए जरूरी सलाह देंगे।

करियर परामर्श

ग्रामीण युवा और छात्र मेले के केंद्र बिंदु में होंगे। ग्रामीण छात्र-छात्राएं किस-किस क्षेत्र में अपना भविष्य संवार सकते हैं, उच्च शिक्षा की तैयारी कैसे करें, नौकरी के लिए कैसे हो प्लानिंग जैसे जरुरी मुद्दों को लेकर करियर काउंलर युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। 10वीं और 12वीं के बाद ग्रामीण छात्र क्या करें, उनके लिए रोजगार के अवसरों पर भी विशेषज्ञ अपनी राय और सलाह देंगे।

गाँव कनेक्शन का परिचय

गाँव कनेक्शन देश का सबसे बड़ा रूरल मीडिया प्लेटफार्म है, जो दो तरह से लोगों तक सूचनाएं पहुंचा रहा है। पहली भारत के ग्रामीणों तक उनके हित की सूचनाएं पहुंचाना,दूसरे समस्याओं के साथ-साथ गाँवों में आ रहे सकारात्मक बदलाव की कहानियों से शहरी लोगों को रूबरू कराना।

डिजिटल, प्रिंट, वीडियो, ऑडियो कंटेन्ट, भारत की सबसे बड़ी मीडिया सर्वे टीम और जिलों, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर स्मार्टफोन से लैस हमारे प्रतिनिधि गाँव कनेक्शन की उपस्थिति सुदूर गाँवों तक दर्ज़ कराते हैं।

गाँव कनेक्शन वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के साथ, बिहार और झारखंड के कई जिलों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। अपनी उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए गाँव कनेक्शन दो बार देश का सबसे बड़ा मीडिया पुरस्कार रामनाथ गोयनका अवार्ड, और जेंडर सेंसिटिविटी के लिए यूएनएफपीए समर्थित लाडली अवार्ड से पांच बार सम्मानित हो चुका है।

जमीनी स्तर पर अपनी उपस्थिति के कारण ही वर्ष 2016 में गाँव कनेक्शन फाउंडेशन ने स्वयं फेस्टिवल का आयोजन किया गया था, इस दौरान 25 जिलों में पूरे हफ्ते ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 कार्यक्रम आयोजित हुए, जिन्हें जीपीएस से मैप भी किया गया। इसका लिंक है- https://www.youtube.com/watch?v=uTNva36xOuI

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