उत्तर प्रदेश

नगर निगम की लाचारी लोगों पर पड़ सकती है भारी 

अश्वनी कुमार द्विवेदी, गाँव कनेक्शन

लखनऊ। फिर से सितंबर का महीना आने वाला है, पिछले वर्ष सितम्बर का महीना लखनऊ के उत्तरी विधानसभा के लिए ‘मौत का महीना’ बन गया था। 60 से ज्यादा मौतें महज 16 सितम्बर से 28 सितम्बर तक फैजुल्लागंज प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ, दीनदयाल नगर खदरा में हुई थीं। फिर से सितम्बर आ रहा है मच्छरजनित बीमारियों के साथ स्वाइन फ्लू की आहट से लोग दहशत में हैं।

पिछले वर्ष इतनी बड़ी त्रासदी झेल चुके इस क्षेत्र में अब तक जिले के आला अधिकारियों ने दौरा करने की जरूरत नहीं समझी। एसी ऑफिसों में बैठकर बड़े अधिकारी कागज के शेर बनाने में व्यस्त हैं और कर्मचारी जागरुकता के पर्चे बांटकर महामारी रोकने का प्रयास कर रहे हैं। लखनऊ उत्तर विधानसभा के अंतर्गत आने वाला फैजुल्लागंज प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ, खदरा, नायक नगर, भरत नगर, श्रीनगर, गायत्री नगर प्रथम, द्वितीय, तृतीय, प्रीति नगर प्रथम, द्वितीय, श्याम बिहार कालोनी, गौरभीट, ककौली, बसंत बिहार, प्रभात पुरम, दुदौली, ककौली, त्रिवेणी नगर, शिवलोक कालोनी संतकबीर नगर, अजीज नगर, कृष्ण लोक कॉलोनी, जैन कॉलोनी, नया पुरवा पश्चिम बिहार कॉलोनी, राम नगर, कसाई बाड़ा, एकता नगर, श्रीनगर इत्यादि दर्जनों कॉलोनियों को सूअरबाड़ी, डेंगूगंज के नाम से जाना जाता है। इन स्थानों पर एक बार फिर संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है, पिछले वर्ष गंदगी और सूअरों की वजह से इन स्थानों पर संक्रामक रोग फ़ैल गया था, जिसका खामियाजा सैकड़ों परिवारों को भुगतना पड़ा था। नगर निगम को लाचारी के चलते इन क्षेत्रों में सूअरों की संख्या बढ़ती जा रही है और साथ ही यहां रहने वाले निवासियों की मुसीबतें भी बढ़ती जा रही हैं।

गायत्री नगर निवासी समाजसेवी जेपी द्विवेदी बताते हैं, “पिछले कुछ महीनों में सूअरों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है सूअर पालक छोटे-छोटे सूअर के बच्चे छोड़कर जाते हैं और जब बच्चे बड़े हो जाते हैं तो उन्हें जाल लगाकर पकड़ते हैं और बाजार में जाकर बेच देते हैं।” प्रीती नगर निवासी रमिता झा बताती हैं, “एक तो सड़कों पर इतनी गंदगी है ऊपर से सड़कों पर सूअर की वजह से निकलना मुश्किल है वैसे तो सूअर इंसानों पर हमला नहीं करते पर कभी-कभी छोटे बच्चों को दौड़ाकर चोटिल कर देते हैं।” प्रभात पुरम निवासी स्तुति चौरसिया ने बताया, “गंदगी और सूअरों की वजह से यहां जीना मुहाल हो गया है और बारिश के मौसम में तो हालत और खराब हो जाती है।”

ग्राम ककौली के किसान जयपाल सिंह यादव (70 वर्ष) बताते हैं, “दुदौली गाँव के कुछ परिवार सूअर पालन का व्यवसाय करते हैं इन सूअरों द्वारा ककौली के किसानों की फसल चौपट कर दी जाती है। शिकायत करने पर मारपीट करने पर आमादा हो जाते हैं पिछले वर्ष सूअरों द्वारा मेरी आलू की फसल बर्बाद कर दी गई, शिकायत पर सूअर पालकों ने मुझे बुरी तरह पीट दिया, जिसका मुकदमा मड़ियांव थाने में पंजीकृत है।” गायत्री नगर निवासी उमेश सिंह कहते हैं, “अब सूअर डरते नहीं छोटे बच्चों के हाथ से खाने पीने का सामान तक छीन लेते हैं।”

हमराह एक्स एनसीसी कैडेट संस्था के अध्यक्ष अजीत सिंह का कहना है, “अगर इन आधा दर्जन सूअरपालकों पर कठोर कार्रवाई की जाए तो नगर निगम को सूअर पकड़ने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी ये लोग खुद अपने सूअर क्षेत्र से हटा लेंगे, लेकिन नगर निगम और पुलिस कर्मियों के संरक्षण के कारण ऐसा हो पाना संभव नहीं है। अगर इस समस्या से निजात नहीं मिली तो सड़क पर जनांदोलन करेंगे।”

नागरिकों ने निकाला नगर निगम के खिलाफ मार्च

महामारी की आहट से परेशान फैजुल्लागंज के सैकड़ों लोगों ने नगर निगम के खिलाफ मार्च निकाला। बंधा रोड से शुरू हुआ यह मार्च शिवलोक यशनगर होते हुए जुड़वा मंदिर पर समाप्त हुआ। मार्च के दौरान नागरिकों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी कर अपना आक्रोश प्रकट किया। मार्च के समापन के बाद सामाजिक कार्यकर्ता ममता त्रिपाठी ने कहा, “चारों वार्डों की पांच लाख से ज्यादा की आबादी वाले इस क्षेत्र में करीब आधा दर्जन सूअरपालकों ने दस हजार से ज्यादा सूअर छोड़ रखे हैं। नगर निगम के अधिकारी बेख़ौफ़ होकर ऊपरी कमाई के लालच में इस सूअरपालकों को संरक्षण दे रहे हैं। तीन जुलाई को विधायक ने भी नौबस्ता भ्रमण के दौरान सूअरपालकों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही, लेकिन विधायक की बातें भी हवा-हवाई साबित हुईं।” ममता त्रिपाठी ने कहा, “अब यहां के नागरिक किसी से गुहार लगाने के बजाय खुद ही इस समस्या के प्रति आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। थोड़े दिन इंतजार के बाद स्वयं हम लोग सूअर पकड़ेंगे व नगर निगम मुख्यालय व जोन कार्यालय में ले जाकर सूअरों को छोड़ेंगे व अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।”

क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। मैंने क्षेत्र का दौरा किया है, समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है नगर निगम को प्रभावित क्षेत्र में साफ-सफाई के निर्देश दिए हैं। क्षेत्र में जलनिकासी, नाली, सड़क और फैजुल्लागंज के बंधे का निर्माणकार्य प्राथमिकता पर है पूरी कोशिश है कि अबकी सितम्बर माह में पिछले वर्ष जैसी त्रासदी जनता को न झेलनी पड़े।
डॉ. नीरज बोरा, विधायक, उत्तरी विधानसभा क्षेत्र