चावल उत्पादन में नंबर वन बनेगा उत्तर प्रदेश

Ashwani NigamAshwani Nigam   9 May 2017 7:01 PM GMT

चावल उत्पादन में नंबर वन बनेगा उत्तर प्रदेशचावल उत्पादन में नंबर वन बनेगा यूपी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले एक दशक से धान की खेती का क्षेत्रफल बढ़ाने के साथ चावल उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि विभाग की तरफ से कई प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन इसके बाद भी चावल का उत्पादन स्थिर है। यह प्रदेश के लिए चिंता की बात है। ऐसे में इस बार खरीफ की मुख्य फसल धान की पैदावार बढ़ाने के लिए और चावल उत्पादन में प्रदेश को नंबर वन बनाने के लिए खरीफ उत्पादन 2017 में फसलोत्पादन की रणनीति बनाई गई है।

उत्तर प्रदेश के कृषि निदेशक ज्ञान सिंह ने बताया, ‘प्रदेश में इस बार 59.66 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान खेती और इससे 151.30 लाख मीट्रिक टन धान उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए किसानों को उच्च गुणवत्ता के बीज, खाद, कीटनाशक और दूसरी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं।’

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खरीफ सीजन में इस बार सामान्य मानसून के अनुमान की घोषणा के साथ ही उत्तर प्रदेश में धान की खेती का रकबा बढ़े और किसान अधिक से अधिक धान की बुवाई करें, इसको लेकर भी अभियान शुरू किया गया है। इंटरनेशनल ग्रेन काउंसिल ने भी इस साल भारत में धान की खेती को बढ़ाने के साथ ही कहा है कि भारत में चावल उत्पादन में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। इस साल 2017-18 देश में कुल चावल उत्पादन 10.90 करोड़ टन रहने का भी अनुमान लगाया है। ऐेसे में उत्तर प्रदेश की कोशिश इस बार चावल उत्पादन में नंबर वन राज्य बनाने की तैयारी हो रही है।

प्रदेश में इस बार 59.66 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान खेती और इससे 151.30 लाख मीट्रिक टन धान उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए किसानों को उच्च गुणवत्ता के बीज, खाद, कीटनाशक और दूसरी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं।
ज्ञान सिंह, कृषि निदेशक

उत्तर प्रदेश के किसानों के बीच कृषि विभाग की तरफ से 6,81000 कुंतल धान का प्रमाणित बीज किसानों को 10 मई से लेकर 30 मई के बीच उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जिल में बीजों का उपलब्ध करा दिया गया है। इसके अलावा खरीफ सीजन में प्रदेश के किसानों के लिए 41 लाख मीट्रिक टन उर्वरक भी उपलब्ध कराया जाएगा।

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कृषि विभाग की तरफ से किसानों के बीच जो उपलब्ध कराए गए हैं, उसमें-

शीघ्र पकने वाली प्रजातियों में नरेन्द्र-118, नरेन्द्र-80, नरेन्द्र-1 नरेन्द्र-2, मनहर, नरेन्द्र-97, पंत धान-12, बारानी दीप, आईआर-50, रत्ना, शुष्क सम्राट और नरेन्द्र लालमती।

मध्यम देर से पकने वाली प्रजातियों में नरेन्द्र-359, पंत धान-4, पंत धान-10, सीता सूरज-52,, मालवीय धान-36, नरेन्द्र धान-2064, नरेन्द्र धान- 3112, नरेन्द्र धान- 2026 और नरेन्द्र धान- 2065।

देर से पकने वाली प्रजातियों में महसूरी, सांभा महसूरी, सुगंधित धान की प्रजातियों में टाइप-3 नरेन्द्र लालमती, कस्तूरी, पूसा बासमती-1, हरियाणा बासमती-1, बासमती-370, तारावडी बासमती, मालवीय सुगंध, मालवीय सुगंध, वल्लभ बासमती-22 और नरेन्द्र लालमती और नरेन्द्र सुगंध की बुवाई करें।

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