गांव-गांव तक पहुंचेगा बेहतर इलाज, योगी सरकार देगी एंबुलेंस में टेलीमेडिसिन की सुविधा

Rishi MishraRishi Mishra   20 April 2017 4:30 PM GMT

गांव-गांव तक पहुंचेगा बेहतर इलाज, योगी सरकार देगी एंबुलेंस में टेलीमेडिसिन की सुविधाएक महीने में ये व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जिलों और गांवों में बैठे लोगों को अब बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए बेहतरीन कोशिश होगी। जिसके तहत टेलीमेडिसिन जैसी आधुनिक सुविधा न केवल छोटे अस्पतालों बल्कि चलती एंबुलेंस के भीतर भी दी एंबुलेंस के भीतर ही मिलेगी टेलीमेडिसिन के जरिये बड़े डॉक्टरों की मदद प्रदेश में दूरदराज जाएगी। इसके साथ ही 38 जिलों में 76 नए मोबाइल हेल्थ यूनिट शुरू होंगे जो कि गांव गांव जाकर लोगों को इलाज देंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से इस संबंध में तैयारियां शुरू कर देंगी। एक महीने में ये व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

उत्तर प्रदेश से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्यमंत्री सिध्दार्थनाथ सिंह के सामने इन सेवाओं का प्रस्तुतिकरण किया जा चुका है। प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्तियों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा आसानी से सुलभ हो, इसके लिए टेलीमेडिसिन को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन स्मार्ट फोन आधारित सेवा है। इस तकनीक का उपयोग कर आम नागरिकों को सरलता से उत्कृष्ट श्रेणी की चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाएगी।

औषधियों तथा उपकरणों की खरीद में पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए निगम बनाया जाए और ई-टेण्डरिंग द्वारा औषधियों तथा उपकरणों की खरीद सुनिश्चित की जाए।
सिद्धार्थ नाथ सिंह, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री, उत्तर प्रदेश

इस प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि वर्तमान में 18 राजकीय चिकित्सालयों में सिटी स्कैन तथा एम.आर.आई. की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा 18 मण्डलीय मुख्यालय के जिला चिकित्सालयों में इनकी स्थापना प्रस्तावित है। जिसके बाद में तय किया गया है कि, निजी पैथालाजी से अनुबंध कर प्रत्येक जनपद में एमआरआई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि गुर्दा रोग से ग्रसित मरीजों के उपचार के लिउए 18 मण्डल मुख्यालयों पर हीमो डायलिसिस केंद्र बनेंगे। शीघ्र ही अन्य जनपदों में भी हीमो डायलिसिस मशीन की स्थापना कराई जाएगी, ताकि मरीजों को अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े।

36 जनपदों में 170 मोबाइल मेडिकल यूनिट होंगे

प्रदेश के 36 जिलों में 170 मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन प्रस्तावित है। शीघ्र ही यह सुविधा आम नागरिकों के लिए सुलभ होगी। इसके माध्यम से लोगों को प्राथमिक जांच, चिकित्सा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 108 एम्बुलेंस सेवा का लाभ जरूरतमंद तक त्वरित ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा। एम्बुलेंस 15 मिनट के भीतर पहुंचे, इसके लिए एम्बुलेंस में जीपीएस आधारित स्मार्टफोन एप का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही एम्बुलेंस में सीसीटीवी के तहत टेलीमेडिसिन की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि मरीज को प्राथमिक उपचार एम्बुलेंस में मिल सके। दूरदराज के मरीज जिनको तत्काल चिकित्सकीय सलाह की जरूरत है, उनको एंबुलेंस से ले जाने के दौरान अगर किसी खास चिकित्सकीय सलाह की जरूरत हो वह टेलीमेडिसन के जरिये एंबुलेंस में ही दी जा सके।

30 जिला अस्पतालों में बनेंगे ई हॉस्पिटल

30 जिला स्तरीय चिकित्सालयों में ई-हास्पिटल की सुविधा भी उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है, शीघ्र ही इनका संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्ध सुनिश्चित हो, इसके लिए रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त एमबीबीएस चिकित्सकों को पुनर्नियोजन, शाम को ओपीडी का संचालन तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों को अतिरिक्त मानदेय दिए जाने की योजना बनाई जा रही है।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top