चार साल पहले करोड़ों रुपए से बने अस्पताल को उद्घाटन का इंतेजार

चार साल पहले करोड़ों रुपए से बने अस्पताल को उद्घाटन का इंतेजारgaonconnection

बाराबंकी। राज्यसभा सांसद बेनी प्रसाद वर्मा के गाँव सिरौली में करोड़ों रुपए खर्च कर 100 बेडों वाले संयुक्त अस्पताल 2012 में बनकर तैयार हुआ था, पर आज तक वहां पर कोई डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की गई है। गाँव वाले इंतजार में हैं कब अस्पताल का उद्घाटन हो, कब उनको यहां इलाज कराने की सुविधा मिले। यहां पर बने सामुदायिक केन्द्र में मरीजों का तांता लगा रहता है, बगल में ही बने अस्पताल में ताला पड़ा रहता है।

अस्पताल में बहुत सी सुविधाएं हैं जो कि सिर्फ दिखावे के लिए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में इतनी भीड़ लगी रहती है कि डॅाक्टरों के बैठने की ही जगह नहीं रहती। इसलिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के डॅाक्टर संयुक्त अस्पताल के एक-दो कमरे में बैठते हैं। बाकी पूरे अस्पताल में ताला पड़ा है।

रमानाथ (35 वर्ष) श्यामनगर गाँव के रहने वाले हैं। वो बताते हैं, ‘‘हम अपना इलाज करने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आए थे पर हमारा इलाज यहां पर नहीं हो सका। हमको इलाज कराने बाराबंकी के जिला अस्पताल भेजा गया, अगर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के बगल वाला अस्पताल खुला होता तो 40 किमी नहीं जाना पड़ता।’’ 

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अधीक्षक डॉ. संतोष सिंह बताते हैं, ‘‘इस अस्पताल को बने काफी समय हो गया है पर अभी इस अस्पताल में कोई कार्य नहीं हो रहा है। सयुंक्त अस्पताल में कुछ डॉक्टरों की नियुक्ति का प्रस्ताव चल रहा है।’’ 

रामू यादव जो सिरौली के रहने वाले हैं। वो बताते हैं, ‘‘यह अस्पताल 2012 में बन गया था, लेकिन आज तक इसमें इलाज नहीं हुआ बस पैसा बर्बाद हुआ। सब कुछ होते हुए भी ताला पड़ा है।’’ तीन मंजिला बड़ा अस्पताल बना है। जिसमें पंखों और बेड और प्राइवेट कमरे, शौचालय, डॅाक्टरों व नर्सों के आराम करने की व्यवस्था सब कुछ है पर इनका प्रयोग नहीं होता। अस्पताल में जाले व धूल जमी है। चौखटी गाँव के रहने वाले सुरेन्द्र बाहदुर जो वहां दुकान लगाते हैं। वो बताते हैं, ‘‘सीएचसी के डॉक्टर बाहर की दवा लिखते हैं। डॉक्टरों के न कोई आने का समय है न जाने का’’

अस्पताल में जल्द होगी डॉक्टरों की नियुक्ति: बेनी प्रसाद वर्मा

लखनऊ। गाँववालों के हित के लिए अस्पताल का निर्माण करवाया गया है। अस्पताल को लेकर डीएम अजय कुमार से बात की थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। डीएम ने अस्पताल का दौरा किया अभी वहां पर सभी सीएसी के डॉक्टर बैठते हैं। हाल ही में अस्पताल में ओपीडी बनवाया गया है और ऑपरेशन कराने के व्यवस्था की गई है। अस्पताल से सम्बन्धित बहुत से औजार भेजे गए हैं।

यहां तक कि एसी भी भेजा जा चुका है। अगर समय रहते अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति हो गई तो ट्रामा सेन्टर तक बनवा देंगे। जल्द ही मुख्यमंत्री से बात करेंगे की अस्पताल में डॉक्टर की नियुक्ति हो जाए क्योंकि पता चला कि पास के सरकारी अस्पताल में रोज 400 मरीज आते हैं। पाँच साल में 14 करोड़ की लागत से अस्पताल बनकर तैयार हुआ है। 2007 में अस्पताल की नींव रखी गई थी। कुछ डॉक्टरों की नियुक्ति कर दी जाए, जिससे अस्पताल में रखे औजार प्रयोग होने लगे। वर्मा आगे बताते हैं, ‘‘गाँव वालों की सुविधा के लिए इस अस्पताल का निर्माण करवाया था।’’

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