राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं था, बच्ची भात-भात कहते मर गई

राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं था, बच्ची भात-भात कहते मर गईसंतोषी की मां कोयली देवी

लखनऊ। झारखंड के सिमडेगा जिले की 11 साल की एक बच्ची की मौत हो गई, क्योंकि चार दिन से उसने कुछ नहीं खाया था। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आधार कार्ड न होने की वजह से उसे राशन नहीं मिल रहा था। झारखंड में हुई इस घटना ने राज्य सरकार को हिला कर रख दिया है।

ANI के मुताबिक संतोषी की मां कोयली देवी ने बताया, ‘‘मैं जब वहां चावल लेने गई तो मुझे बताया गया कि राशन नहीं दिया जाएगा। मेरी बेटी ‘भात-भात’ कहते मर गई।’’

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NDTV के अनुसार इस घटना की खबर मिलते ही राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीएम मुख्य सचिव राजबाला वर्मा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये वैसे लोगों का राशन कार्ड को रद्द करने का निर्देश दिया था, जिनके पास आधार कार्ड नहीं है। मुख्य सचिव का निर्देश सुप्रीम कोर्ट की आदेश की अवमानना है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में ये कहा था कि आधार कार्ड नहीं होने से सरकार किसी को राशन के लाभ से वंचित नहीं कर सकती।

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सरयू राय ने यह भी कहा कि विभागीय मंत्री होने के बाद भी मेरे बात नहीं सुनी जाती है। इस घटना की स्वतंत्र जांच करने वाली फैक्ट-फाइंडिंग टीम का आरोप है कि परिवार को 6 महीने से राशन नहीं मिला, क्योंकि राशन दुकान वाला बताता रहा कि परिवार का राशन कार्ड आधार नंबर से जुड़ा नहीं है।

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इस बीच, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ट्वीट कर कहा है कि सिमडेगा में बच्ची के निधन से व्यथित हूं। उपायुक्त को तुरंत पीड़ित परिवार से मिलने को कहा है। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। सिमडेगा उपायुक्त स्वयं 24 घंटे में मामले की जांच कर रिपोर्ट देंगे। यदि कोई दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेरे झारखंड में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना दोबारा न हो, सभी अधिकारी ये सुनिश्चित करें।

हालांकि सिमडेगा के प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार कोंगारी ने इससे इनकार किया है कि संतोषी की मौत भूख की वजह से हुई। उनके मुताबिक लड़की की मौत मलेरिया से हुई है। हालांकि उन्होंने यह माना कि संतोषी के परिवार का नाम आधार से लिंक नहीं होने की वजह से पीडीएस के लाभार्थियों की सूची से बाहर कर दिया गया था।

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