सुषमा स्वराज के पति ने वैवाहिक दुष्कर्म पर किया ट्वीट, कविता कृष्णन ने सोच पर उठाए सवाल

सुषमा स्वराज के पति ने वैवाहिक दुष्कर्म पर किया ट्वीट, कविता कृष्णन ने सोच पर उठाए सवालस्वराज कौशल और कविता कृष्णन

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में हलफनामा देकर कहा है कि वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध नहीं घोषित किया जाना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से विवाह संस्था की नींव हिल जाएगी। सरकार इससे पहले भी कह चुकी है कि भारत जैसे परंपरावादी विकासशील देश में वैवाहिक दुश्कर्म की अवधारणा को मान्यता देना इसकी सदियों पुरानी संस्कृति के खिलाफ जाएगा।

इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध की श्रेणी में रखने से संबंधित संगठन की याचिका पर सुनवाई करने के लिये बुधवार को सहमति जता दी। वैवाहिक बलात्कार पहले भी नारीवादियों के लिए प्रमुख मुद्दा रहा है। इधर कम्युनिस्ट लीडर कविता कृष्णन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल के खिलाफ ट्विटर पर भड़क गई हैं।

यह भी पढ़ें : उस रात की कहानी पीड़िता की जुबानी, मैं खुशकिस्मत हूं कि न तो मेरा रेप हुआ और न ही मैं मरी हुई पाई गई...

स्वराज कौशल ने कुछ ट्वीट में वैवाहिक बलात्कार के खिलाफ विचार रखे हैं। उन्होंने ट्वीट करके लिखा है वैवाहिक बलात्कार जैसी कोई चीज नहीं है। हमारे घर पुलिस स्टेशन नहीं बनने चाहिए। अगर ऐसा होता है तो घरों से ज्यादा पति जेलों में मिलेंगे। साथ ही एक ट्वीट में स्वराज कौशल ने राम रहीम पर हाई प्रोफाइल होने के कारण फंसाए जाने की तरफ इशारा भी किया है। इन सभी ट्वीट को शेयर करते हुए कविता कृष्णन ने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील स्वराज कौशल वैवाहिक बलात्कार का बचाव कर रहे हैं साथ ही राम रहीम के हाई प्रोफाइल होने के नाते फंसाए जाने की तरफ इशारा भी कर रहे रहे हैं।

इससे पहले कोर्ट ने उन याचिकाओं पर उसे पक्ष बनाया जिनमें आइपीसी की धारा 375 (बलात्कार का अपराध) को इस आधार पर असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है कि यह पतियों द्वारा यौन उत्पीड़न का शिकार हो रही विवाहिताओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण है। वैवाहिक बलात्कार या जीवनसाथी से बलात्कार वह कृत्य है जिसमें शादीशुदा जोड़े में से एक जीवनसाथी दूसरे की बिना सहमति के यौन संबंध बनाता है।

यह भी पढ़ें : गुरमीत राम रहीम की गुफा का वीडियो हुआ वायरल, इसी महल में किया था साध्वियों से रेप

Share it
Share it
Share it
Top