किसानों के आगे झुकी पंजाब सरकार, कैप्टन अमरिंदर ने गन्ने का रेट बढ़ाया, हरियाणा से प्रति कुंटल इतने रुपए ज्यादा मिलेगा रेट

पंजाब में गन्ने का रेट बढ़ाने की मांग कर रहे किसानों के लिए अच्छी खबर है। पंजाब की कांग्रेस सरकार ने गन्ने का रेट 360 रुपए कुंटल करने की घोषणा की है। ये पड़ोसी राज्य हरियाणा से 2 रुपए ज्यादा है।

किसानों के आगे झुकी पंजाब सरकार, कैप्टन अमरिंदर ने गन्ने का रेट बढ़ाया, हरियाणा से प्रति कुंटल इतने रुपए ज्यादा मिलेगा रेट

पंजाब में गन्ने का रेट प्रति कुंटल 35 रुपए बढा। 

पंजाब में गन्ने का रेट बढ़ाने के लिए आंदोलन कर रहे किसानों को बड़ी सफलता मिली है। पंजाब सरकार ने गन्ने का रेट बढ़ाकर 360 रुपए प्रति कुंतल कर दिया है। गन्ने का रेट बढ़ाने को लेकर पिछले पंजाब में किसान आंदोलन कर रहे थे। नए रेट की घोषणा होने के बाद किसानों ने गन्ने को लेकर चलाया जा रहा अपना प्रदर्शन वापस ले लिया है।

मंगलवार को कैंप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर कहा, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि किसानों से बातचीत के बाद 360 रुपए प्रति कुंटल एसएपी (राज्य समर्थित परामर्श मूल्य) को मंजूदी दे दी गई है। हमारी सरकार किसानों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है।"

पंजाब में पिछले पांच वर्षों से गन्ने का रेट नहीं बढ़ाया गया था। जिसके बाद पिछले कई वर्षों से गन्ने का मूल्य बढ़ाए जाने की मांग कर रहे किसान नेताओं ने पंजाब के जलंधर नेशनल हाईवे 1 और रेलवे मार्ग पर प्रदर्शन शुरु कर दिया था। जिसके चलते दर्जनों गाड़ियों को कैंसल करना पड़ा जबकि हाईवे पर भी लंबा जाम लग गया था। किसानों का कहना था कि जिस अनुपात में डीजल और दूसरी चीजों के रेट बढ़े हैं गन्ने का रेट कम से कम 400 रुपए प्रति कुंतल किया जाना चाहिए।

कई दिन के आंदोलन और सियासत के बाद किसान नेताओं ने भारतीय किसान यूनियन (पंजाब) के प्रमुख बलबीर सिंह राजेवाल की अगुवाई में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात की थी। जिसके बाद एसएपी पर फैसला हुआ।

बैठक के बाद किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री को लड्डू खिलाए तो कुछ देर बाद सीएम अमरिंदर सिंह ने जारी बयान में कहा, "आज किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की, जिसमें ये तय हुआ कि किसानों की मांग सही है। गन्ने की कीमत बढ़नी चाहिए। ये हमने जो कीमत दी है वो हरियाणा से ज्यादा है। हरियाणा में 358 रुपए प्रति कुंतल का रेट है तो पंजाब में 360 का रेट मिलेगा।"

राज्य परामर्श मूल्य बढ़ाए जाने को लेकर होशियारपुर से किसान नेता हरपाल सिंह सांगा ने गांव कनेक्शन से कहा, "हम लोग जो चाहते थे वो रेट तो नहीं हुआ लेकिन फिर भी ठीक है। कुछ डीजल, मजदूरी का कुछ खर्च निकलेगा। आगे फिर किसान किसान अपनी बात रखेंगे।"

पंजाब में किसानों को जल्द तैयार होने वाली किस्मों का 310 रुपए, मध्यम वाली को 300 रुपए और देर से तैयार होने वाली वैरायटी को 295 रुपए प्रति कुंटल का रेट मिलता था। 19 अगस्त को मुख्यमंत्री की अगुवाई में हुई एक अहम बैठक में प्रति कुंटल 15 रुपए की बढ़ोतरी करने की घोषणा हुई थी, यानि अगैती की 325, मध्यम की 315 और लेट वैरायटी की 310 रुपए प्रति कुंटल एसएपी तय की गई थी, जिसे किसानों ने ठुकरा दिया था।

गन्ने का रेट बढ़ाए जाने की मांग को लेकर जलंधर में रेलवे ट्रैक पर भारतीय किसान यूूनियन एकता (उग्राहन) की अगुवाई में प्रदर्शन करते किसान।

वर्तमान चीनी सत्र 2020-21 में हुई रिकॉर्ड गन्ने की खरीद

केंद्र सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में वर्तमान चीनी सत्र 2020-21 के दौरान रिकॉर्ड 90,872 करोड़ रुपए की गन्ने की खरीद हुई थी, जिसमें से 81,963 करोड़ रुपए के किसानों को भुगतान कर दिया गया है। उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के 16 अगस्त के आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान सत्र के 90872 करोड़ रुपए के गन्ने के मुकाबले महज 8,908 करोड़ बाकी हैं, जबकि पिछले चीनी सत्र 2019-20 में, लगभग 75,845 करोड़ रुपये के देय गन्ना बकाये में से 75,703 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया और सिर्फ 142 करोड़ रुपये का बकाया है। केंद्र सरकार के मुताबिक अरिरिक्त चीनी के निर्यात और अतिरिक्त चीनी और गन्ने से इथेनॉल बनाए जाने से चीनी मिलों के पास लिक्विडिटी बढ़ी है और गन्ना किसानों के भुगतान की प्रक्रिया तेज हुई है।

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